छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार की खुली पोल!, उद्घाटन से पहले ही पुल ने ले ली ‘जलसमाधि’, पानी में 4 करोड़ का स्लैब, विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

Corruption Exposed in Chhattisgarh! Bridge Submerged Before Inauguration; ₹4 Crore Slab Ends Up Underwater—Serious Questions Raised About the Department's and Contractor's Work Practices.

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार की खुली पोल!, उद्घाटन से पहले ही पुल ने ले ली ‘जलसमाधि’, पानी में 4 करोड़ का स्लैब, विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

मुंगेली : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक बड़ा प्रशासनिक और तकनीकी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. यहां लोक निर्माण विभाग (PWD) की देखरेख में करीब 4 करोड़ की भारी-भरकम लागत से बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया. इस हादसे के बाद विभाग और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद से अमरटापू और भरवागुड़ा के स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था और तकनीकी मानकों को पूरी तरह से ताक पर रख दिया गया था. लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की ढीली निगरानी की वजह से  ठेकेदार ने काम में भारी लापरवाही बरती. जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ा हादसा हुआ.
मामले पर गरमाई राजनीति
पुल गिरने की खबर मिलते ही इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सरकार और प्रशासन को घेरा है. कांग्रेस नेताओं ने निर्माण कार्य में गंभीर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. साथ ही, जनता के करोड़ों रुपये की बर्बादी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है.
फिलहाल विभागीय स्तर पर इस बात का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है कि स्लैब गिरने का मुख्य तकनीकी कारण क्या था. अब देखना यह होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया जाता है. या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा.
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