नकटी के मकानों में बुलडोजर कार्रवाई के बाद गांव के प्रभावित परिवारों से कांग्रेसी नेताओं ने की मुलाकात, पुनर्वास की उठाई मांग, कोर्ट जाएगी कांग्रेस
Congress leaders met with affected families in Nakti following the bulldozer action on their homes; they demanded rehabilitation and announced that the party would approach the court.
रायपुर : रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के समर्थन में मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,पूर्व मंत्री शिव डहरिया,पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू,जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन और कांग्रेस नेता राजेन्द्र पप्पू बंजारे सहित बड़ी तादाद में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे. नेताओं ने ग्रामीणों से विस्तार से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव सहयोग और इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया,
कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित परिवारों के घरों का निरीक्षण किया और उन लोगों से बातचीत की जिनके मकान प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान हटाए गए. ग्रामीणों ने नेताओं को अपनी समस्याओं,विस्थापन के बाद उत्पन्न कठिन हालात और भविष्य को लेकर चिंताओं से अवगत कराया. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गरीब परिवारों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी कार्रवाई से पहले उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नकटी में सालों से रह रहे गरीब परिवारों के मकानों को हटाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने दशकों से वहां अपना आशियाना बनाया और जीवन की पूरी पूंजी लगाकर घर तैयार किया. उन्हें अचानक बेघर कर देना सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार अगर बड़े आवासीय और विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध करा सकती है. तो गरीब परिवारों के लिए भी वैकल्पिक भूमि और आवास की व्यवस्था करना उसकी जिम्मेदारी है.
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग को पूरी मजबूती से उठाएगी. उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन लोगों के मकान हटाए गए हैं. उन्हें जल्द वैकल्पिक आवास, आर्थिक सहायता तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना जीवन दोबारा शुरू कर सकें.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ होना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई के कारण जिन परिवारों का आशियाना उजड़ा है. उनकी पीड़ा को समझना जरुरी है. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी है और कांग्रेस इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से उठाती रहेगी.
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीब,श्रमिक,किसान और कमजोर वर्ग के लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और भविष्य में भी उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को इंसाफ दिलाने और उनके पुनर्वास तक कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी.
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग किया कि प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उन्हें जल्द राहत उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान हटाए गए हैं. उन्हें पुनर्वास नीति के तहत वैकल्पिक आवास, आवश्यक सुविधाएं तथा जीवनयापन के लिए पर्याप्त सहायता प्रदान की जानी चाहिए. नेताओं ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सरकार को संवेदनशील फैसला लेना चाहिए.
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को विधानसभा से लेकर सड़क तक हर मंच पर उठाया जाएगा। पार्टी ने कहा कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा, सम्मानजनक पुनर्वास और न्याय सुनिश्चित कराने तक कांग्रेस उनके साथ निरंतर खड़ी रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से उनकी आवाज बुलंद करती रहेगी।
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?
कोर्ट जाएगी कांग्रेस : नया रायपुर के नकटी गांव में बुलडोजर चलाने पर बिफरे बैज, बोले-पार्टी गांव वालों के साथ
रायपुर : राजधानी रायपुर के नकटी गांव में प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 29 जून को प्रशासन ने गांव में सालों से रह रहे लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बारिश के पहले बेघर कर दिया. कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और आगामी विधानसभा मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी.
बैज ने कहा कि नकटी गांव में कई परिवार 20 से 40 साल से निवास कर रहे थे. लेकिन प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना घरों को तोड़ दिया. उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान 85 प्रधानमंत्री आवास और इंदिरा आवास भी ध्वस्त कर दिए गए. बैज ने कहा कि ग्रामीण अपने मकान बचाने के लिए रोते-बिलखते रहे. लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी.
विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए तोड़े गए गरीबों के घर
पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया कि विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए गरीबों के घर तोड़े गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब नया रायपुर में पर्याप्त जमीन उपलब्ध है. तो वहां कॉलोनी बनाने के बजाय गरीबों को उजाड़ने की जरूरत क्यों पड़ी. उन्होंने कहा कि सरकार ने पुनर्वास से पहले प्रभावित लोगों से कोई संवाद नहीं किया.
25 सदस्यीय परिवारों को दिया जा एक कमरे का मकान
बैज ने पुनर्वास व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि 25 सदस्यीय परिवारों को एक कमरे का मकान दिया जा रहा है. जो पूरी तरह अव्यवहारिक है. उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से बातचीत की. उनके मुताबिक पुनर्वास के तहत दिए गए मकानों में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं. जबकि उन मकानों की कीमत साढ़े पांच लाख से लेकर साढ़े आठ लाख रुपये बताई जा रही है. उन्होंने पूछा कि इसका भुगतान कौन करेगा.
नकटी गांव की कार्रवाई से पूरे प्रदेश में डर का माहौल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नकटी गांव की कार्रवाई से पूरे प्रदेश में डर का माहौल पैदा हो गया है. उन्होंने कहा कि किसी गरीब का घर तोड़कर विधायक और अधिकारियों के लिए आवास बनाना कांग्रेस को स्वीकार नहीं है. बैज ने बताया कि कांग्रेस विधायक चातुरी नंद और जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि गरीबों का आवास तोड़कर उन्हें अपना आशियाना नहीं चाहिए.
बच्चों की साइकिलें, पढ़ाई की किताबें और घरेलू सामान मलबे में दब गए
उन्होंने भाजपा विधायकों से भी अपील की कि वे ऐसे आवास स्वीकार न करें. उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान बच्चों की साइकिलें, पढ़ाई की किताबें और घरेलू सामान भी मलबे में दब गए. साथ ही भाजपा के सांसदों और विधायकों पर लोगों को यह भरोसा दिलाकर गुमराह करने का आरोप लगाया कि उनके घर नहीं टूटेंगे.
लोगों से माफ़ी मांगे सरकार
कांग्रेस ने मांग किया कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं. उनसे सरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे. उचित मुआवजा दे और उसी स्थान पर नया आवास बनाकर उपलब्ध कराए. बैज ने यह भी आरोप लगाया कि नकटी गांव में कुछ उद्योगपतियों और सरकार के करीबी लोगों की जमीन है. जिन्हें फायदा पहुंचाने के लिए यह परियोजना लाई जा रही है. उन्होंने सरकार से पूरे क्षेत्र का सीमांकन सार्वजनिक करने की मांग की.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?
नकटी गांव अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल, अज्ञात ग्रामीणों पर बलवा समेत FIR दर्ज
राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र अंतर्गत नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए विवाद के मामले में पुलिस ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ बलवा समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत जुर्म दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को प्रस्तावित विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी. कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध किया. जिसके चलते मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई.
आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा पहुंचाई और बुलडोजर में तोड़फोड़ की. इसके साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की भी घटना सामने आई.
घटना के बाद माना थाना पुलिस ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 121, 191(1) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के वीडियो, फोटो और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इस मामले में पुलिस अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास भी किया गया. लेकिन संबंधित अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका. वहीं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. गौरतलब है कि विधायक कॉलोनी परियोजना के तहत प्रशासन द्वारा नकटी गांव में करीब 80 मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई है. इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने करीब 32 मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं.
कार्रवाई से पहले इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 1,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी. बावजूद इसके कार्रवाई के दौरान विरोध और तनाव की स्थिति बनी रही. कार्रवाई के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने मौके के पास धरना शुरू कर दिया. ग्रामीणों का कहना है कि उनके संयुक्त परिवार सालों से यहां रह रहे थे. लेकिन पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक परिवार को सिर्फ एक मकान देने की बात कही जा रही है. जिससे वे असंतुष्ट हैं. वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है.
अधिकारियों के मुताबिक विस्थापित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) आवासों में स्थानांतरित किया जा रहा है और पात्र परिवारों को नियमानुसार आवास उपलब्ध कराया जाएगा. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?
रायपुर कलेक्ट्रेट को नकटी के लोगों ने घेरा, रायपुर जिला कांग्रेस के नेता भी मौजूद
रायपुर : राजधानी रायपुर के नकटी गांव में सोमवार को 80 घरों पर बुलडोजर चला दिया गया. अब इसके विरोध में बुधवार को प्रभावितों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया. उनका कहना है कि प्रशासन ने घर दिए हैं. जिनमें किसी तरह की सुविधाएं नहीं हैं. घर इतने छोटे हैं कि उसमें परिवार का रह पाना संभव नहीं है.
ग्रामीणों के इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस फोर्स लगाई गई थी. पुलिस ने कलेक्ट्रेट में बैरिकेडिंग कर ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की और उन्हें समझाइश दी. इस प्रदर्शन में रायपुर जिला कांग्रेस के नेता भी मौजूद रहे.
बता दें कि कार्रवाई से 2 दिन पहले ही ग्रामीण सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात करने पहुंचे थे. सांसद ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि बरसात तक कोई तोड़फोड़ नहीं होगी. उन्होंने कहा था कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है. इसी बीच 29 जून को 80 घर तोड़ दिए गए.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?



