रायपुर में मासूम बच्चों पर अत्याचार, हाथ में फ्रैक्चर, आंख सूजी और पीठ पर दागा सिगरेट, बेरहमी से पिटाई, सगी मां समेत सौतेला पिता गिरफ्तार
Atrocities against innocent children in Raipur: victims suffered a fractured arm, a swollen eye, and cigarette burns on their backs; they were subjected to brutal beatings. The biological mother and the stepfather have been arrested.
रायपुर : रायपुर के पंडरी के तरुण नगर लोधी पारा में 3 साल के बच्चे के साथ मां और सौतेले पिता ने बेरहमी से मारपीट की है. उसके हाथ में फ्रैक्चर आ गया और प्लास्टर चढ़ाना पड़ा. उसकी आंख चोट के कारण बुरी तरह सूज गई है. पीठ पर सिगरेट से दागने के निशान मिले हैं. बच्चे की 6 साल की बहन लक्ष्मी ने मोहल्ले के लोगों को इसकी जानकारी दी. तब बस्ती वालों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मां अन्नू देवी पासवान और सौतेले पिता राजा दीप के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक अन्नू अपने पति राजा के साथ तरुण नगर में किराए के मकान में रहती है. बताया जा रहा है कि पहले पति से उसके तीन बच्चे समीर (8), लक्ष्मी (6) और रोहित (3) हैं. वहीं बीती 13 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे उसकी बेटी लक्ष्मी रोते हुए घर से बाहर आई. उसने मोहल्लेवालों को बताया कि राजा ने उसके भाई रोहित को बुरी तरह पीटा है. जिससे तीन साल के रोहित का हाथ फ्रैक्चर हो गया. चेहरे और आंख में भी गंभीर चोटें आई हैं. इतना ही नहीं मां पर मासूम को सिगरेट से दागने का भी आरोप है. घायल रोहित का अस्पताल में इलाज जारी है.
पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक 13 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे लक्ष्मी ने मोहल्ले वालों को अपने छोटे भाई के साथ मारपीट की जानकारी दी. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि, बच्चे के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान हैं. उसके हाथ में प्लास्टर चढ़ा हुआ है और बाईं आंख में भी सूजन है. बच्चे को सौतेला पिता राजा पीटता था. लेकिन मां अन्नू देवी उसे नहीं रोकती थी. बच्चे के साथ पहले भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है.
बच्चे को सुरक्षित रखने की मांग
बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया है कि, मां बच्चों के साथ कथित मारपीट को रोकने के लिए कुछ नहीं करतीं. शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि पुलिस कार्रवाई के डर से किराए के मकान में रहने वाला परिवार कहीं और जा सकता है. उन्होंने पुलिस से बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराने और उसे बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश करने की मांग की है. साथ ही बच्चे को सुरक्षित बाल गृह में रखने की अपील की है. जिससे उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
तीन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने मामले में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) व 3(5) के तहत FIR दर्ज की है। मामले में आगे की जांच की जा रही है.
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