अभनपुर में इंसानियत की मिसाल, पगड़ी बनी जीवन रक्षक रस्सी, न्यूजीलैंड से आए NRI सिख भाइयों ने दिखाई सूझबूझ, कुएं में गिरे शख्स की बचाई जान
An example of humanity in Abhanpur: a turban served as a life-saving rope. NRI Sikh brothers visiting from New Zealand displayed quick thinking and saved the life of a man who had fallen into a well.
रायपुर/अभनपुर : छत्तीसगढ़ के अभनपुर के पास खेतों में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई. जब एक शख्स अचानक करीब 30 फीट गहरे कुएं में जा गिरा. कुएं में पानी होने और कोई साधन न मिलने की वजह से वहां मौजूद लोग असहाय महसूस कर रहे थे. मौके पर कोई रस्सी उपलब्ध नहीं थी और युवक की जान खतरे में थी.
न्यूजीलैंड से आए एनआरआई भाइयों ने दिखाई सूझबूझ
इसी बीच वहां से गुजर रहे अजीत सिंह कोहली और कुलजीत सिंह (जो हाल ही में न्यूजीलैंड से भारत आए हैं) बिना एक पल गंवाए मदद के लिए आगे आए. जब उन्हें पता चला कि वहां कोई रस्सी नहीं है. तो उन्होंने बिना किसी झिझक के अपनी पगड़ी (दस्तार) को सलीके से उतारा. दोनों ने अपनी पगड़ियों को आपस में मजबूती से बांधकर एक लंबी और मजबूत जीवन रक्षक रस्सी तैयार की और उसे कुएं में डाल दिया.
सुरक्षित बाहर निकाला गया युवक
कुएं में फंसे व्यक्ति ने सूझबूझ दिखाते हुए पगड़ी को मजबूती से पकड़ लिया. ऊपर खड़े लोगों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर उसे धीरे-धीरे ऊपर खींचा. कुछ ही क्षणों की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. युवक को सही-सलामत देखकर उसके परिवार और पूरे गांव वालों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए.
पगड़ी: सम्मान और सेवा का प्रतीक
शख्स की जान बचाने के बाद दोनों सिख भाइयों ने पूरे सम्मान के साथ अपनी पगड़ी को फिर से धारण किया. वहां मौजूद सभी ग्रामीणों और पुलिस ने उनकी इस बहादुरी और तत्परता के लिए उनका आभार व्यक्त किया.
बड़ा संदेश
आज देश में नफरत का माहौल पैदा किया जा रहा है लेकिन हकीकत ये है कि हर धर्म हमेशा सेवा और मानवता का मार्ग सिखाता है. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब किसी की जान बचाने की बात आए. तो इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म होती है. अजीत सिंह और कुलजीत सिंह के इस जज्बे को पूरा देश सलाम कर रहा है.
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