खरीफ फसल की तैयारी के बीच खाद संकट, गरियाबंद की सहकारी समिति में किसानों का फूटा गुस्सा, जमकर किया हंगामा, आंदोलन की दी चेतावनी

Fertilizer Crisis Amidst Kharif Crop Preparations: Farmers' Anger Erupts at Gariaband Cooperative Society; Massive Uproar Ensues, Warning Issued of Agitation.

खरीफ फसल की तैयारी के बीच खाद संकट, गरियाबंद की सहकारी समिति में किसानों का फूटा गुस्सा, जमकर किया हंगामा, आंदोलन की दी चेतावनी

गरियाबंद : छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल की तैयारियां शुरू होते ही किसानों के सामने खाद का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. गरियाबंद जिले के अंतर्गत आने वाली कृषक सेवा सहकारी समिति बेलटुकरी में खाद की किल्लत से नाराज किसानों ने जमकर हंगामा किया. भीषण गर्मी और तेज धूप में घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी जरूरत के मुताबिक खाद न मिलने पर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा. स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के किसानों ने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है.
घंटों इंतजार के बाद मिली निराशा, भड़के 5 गांवों के किसान
मिली जानकारी के मुताबिक बेलटुकरी सहकारी समिति के अंतर्गत आने वाले करीब 5 गांवों के सैकड़ों किसान सुबह से ही खाद लेने पहुंचे थे. झुलसा देने वाली गर्मी में घंटों इंतजार करने के बाद जब वितरण शुरू हुआ, तो किसानों को पता चला कि खाद के कोटे में भारी कटौती की गई है.
आक्रोशित किसान बोले- खरीफ सीजन सिर पर है और खेती की शुरुआती तैयारी के लिए खाद सबसे महत्वपूर्ण है. अगर इस समय पर्याप्त खाद नहीं मिली, तो पूरी फसल और हमारी मेहनत प्रभावित होगी. ऐसा पहली बार हो रहा है जब वितरण में इस कदर कटौती की जा रही है. क एकड़ में एक बोरा खाद पर्याप्त नही. जिससे खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
सरकारी गाइडलाइन पर उठाए सवाल
हंगामा कर रहे किसानों ने शासन द्वारा तय की गई खाद वितरण की नई गाइडलाइन और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. किसानों का कहना है कि एक तरफ सरकार कृषि को बढ़ावा देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ऐन वक्त पर खाद की किल्लत खड़ी कर रही है.
नाराज किसानों ने कहा कि अगर समिति में मांग के अनुरूप खाद की पर्याप्त उपलब्धता जल्द सुनिश्चित नहीं कराई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
खेती प्रभावित होने की आशंका
कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों के मुताबिक जून महीने की शुरुआत के साथ ही खरीफ फसलों की बुआई का काम तेजी पकड़ लेता है. ऐसे में मई के आखिरी हफ्तों में खाद का न मिलना किसानों की पूरी योजना को बिगाड़ सकता है. फिलहाल इस हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से खाद की आपूर्ति सामान्य करने का आश्वासन देने की बात कही जा रही है. लेकिन किसान ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t