बिजली सब स्टेशन के लिए बिना सहमति भूमि अधिग्रहण का आरोप, हिरासत में कई महिलाएं!, सरपंच समेत कई ग्रामीण गिरफ्तार, जेल परिसर में विरोध प्रदर्शन
Allegations of land acquisition for a power substation without consent, several women detained, village head and several villagers arrested, protests held in jail premises
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी घटना सामने आई है. कन्हेरा गांव में प्रस्तावित बिजली सबस्टेशन के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव के हालात बन गए. विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई. मामले में पुलिस ने गांव के सरपंच, जिला पंचायत सदस्य सहित कई ग्रामीणों को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल भेज दिया.
बिना सहमति जमीन अधिग्रहण का आरोप, ग्रामीणों का आक्रोश
मिली जानकारी के मुताबिक कन्हेरा गांव के निवासी लंबे समय से इस भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन उनकी सहमति के बिना ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है. इसी बात को लेकर गांव में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही थी. विरोध के चलते बड़ी तादाद में ग्रामीण मौके पर इकठ्ठा हो गए और प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. हालात को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई. लेकिन इसके बावजूद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया.
इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की के हालात बन गए. जो धीरे-धीरे झड़प में बदल गए. हालात पर कंट्रोल पाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया.
जेल परिसर में भी जारी रहा विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद हिरासत में लिए गए ग्रामीणों को जब सेंट्रल जेल लाया गया. तो वहां भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी सहमति के बिना हो रहे भूमि अधिग्रहण को रोका नहीं जाता. तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.
महिलाओं का आरोप- बिना सहमति गिरफ्तारी और पुश्तैनी जमीन पर दावा
जेल परिसर में पहुंचने के बाद भी महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपने साथ हुई कार्रवाई पर नाराजगी जताई. महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन गिरफ्तार कर यहां लाया गया है. एक महिला ने बताया कि पिछले 5-6 साल में उनके गांव में तीन बार भूमि अधिग्रहण की कोशिश की गई. जिसका वे लगातार विरोध करते रहे हैं. लेकिन इस दौरान प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की.
उन्होंने कहा कि जमीन लेने से पहले उनकी सहमति जरूरी है. महिला ने यह भी कहा कि प्रशासन चाहे इसे अपनी जमीन माने, लेकिन उनका परिवार इसी जमीन पर निर्भर है और इसी से उनका जीवन-यापन चलता है. उन्होंने दावा किया कि यह जमीन उनकी पुश्तैनी है. जो उन्हें पूर्वजों से मिली हुई है. इसलिए वे इसे छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं.
प्रशासन स्थिति संभालने में जुटा
फिलहाल प्रशासन हालात को सामान्य करने और विवाद के समाधान के प्रयास में जुटा हुआ है. क्षेत्र में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है.
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