छग में प्रशासनिक फेरबदल, गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके का ट्रांसफर, 23 दिन 100% उपस्थिति के कुछ घंटे बाद तबादला, रणबीर शर्मा को मिली कमान
Administrative reshuffle in Chhattisgarh: Gariaband Collector Bhagwan Singh Uike transferred—moved just hours after recording 100% attendance for 23 days; Ranbir Sharma takes charge.
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके को राज्य सरकार ने हटा दिया है. जुलाई में बायोमेट्रिक ई-अटेंडेंस के आधार पर 23 में से सभी 23 कार्य दिवस समय पर कार्यालय पहुंचने पर उन्हें 100 में 100 अंक मिले थे और वे प्रदेश के शीर्ष पांच अधिकारियों में शामिल थे. इसी दिन शाम को जारी शासन के आदेश में उन्हें मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव की जिम्मेदारी दी गई है.
अब 2012 बैच के IAS अधिकारी रणबीर शर्मा गरियाबंद के नए कलेक्टर होंगे. सरकार के आदेश के बाद शर्मा गरियाबंद कलेक्टर का पद संभालेंगे. उइके के तबादले के बाद जिले में उनके कार्यकाल और प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है.
जुलाई में 23 दिन 100% उपस्थिति
कार्यालयों में समय पर पहुंचने और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बायोमेट्रिक ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की है. जुलाई महीने की रिपोर्ट में गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके का प्रदर्शन सबसे बेहतर अधिकारियों में रहा.
जुलाई में कुल 23 कार्य दिवस थे. कलेक्टर उइके ने सभी 23 दिन समय पर उपस्थिति दर्ज कराई और 100 में 100 अंक हासिल किए. अधिकारियों की उपस्थिति के आधार पर तैयार रिपोर्ट में उइके समेत प्रदेश के कुल पांच अधिकारियों ने 100 प्रतिशत स्कोर हासिल किया.
उसी दिन शाम को मंत्रालय भेजे गए
100 प्रतिशत उपस्थिति की रिपोर्ट में शामिल होने के बाद शाम को शासन ने प्रशासनिक फेरबदल का आदेश जारी कर दिया. आदेश के मुताबिक भगवान सिंह उइके को गरियाबंद कलेक्टर के पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में सचिव बनाया गया है.
यानी जिस दिन उनकी नियमित कार्यालय उपस्थिति को लेकर उनका प्रदर्शन प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों में रहा. उसी दिन शाम को उनका तबादला आदेश भी सामने आ गया.
रणबीर शर्मा होंगे नए कलेक्टर
शासन के नए आदेश के मुताबिक 2012 बैच के IAS अधिकारी रणबीर शर्मा अब गरियाबंद के नए कलेक्टर होंगे. उनके सामने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ कई लंबित कामों को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी.
गरियाबंद में स्कूल, सड़क, बिजली, पुल और पानी जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन होते रहे हैं. नए कलेक्टर के सामने इन मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर पर समाधान निकालना अहम होगा.
उइके के कार्यकाल में कई मुद्दों पर प्रदर्शन
भगवान सिंह उइके के कार्यकाल को लेकर स्थानीय स्तर पर यह दावा किया गया कि गरियाबंद में कई समस्याओं को लेकर लगातार प्रदर्शन हुए. इनमें स्कूल, सड़क, बिजली, पुल और पानी से जुड़े मुद्दे शामिल थे.
इन प्रदर्शनों को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कसावट और समस्याओं की मॉनिटरिंग पर सवाल उठाए गए. हालांकि इन आरोपों और स्थानीय आकलनों के बारे में प्रशासन की तरफ से कोई अलग पक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया है.
स्कूल जतन योजना के काम भी बने चुनौती
जिले में स्कूल जतन योजना के तहत करोड़ों रुपए के काम पूरे नहीं होने का मुद्दा भी सामने आया. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कुछ कामों में स्थानीय ठेका कंपनियों या पंचायत निकायों के बजाय बाहरी ठेकेदारों को काम दिए जाने पर सवाल उठे.
शौचालय जैसे छोटे निर्माण कार्य भी समय पर पूरे नहीं होने की बात कही गई है. इसके अलावा आवास निर्माण में गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए. इन मामलों में पर्याप्त मॉनिटरिंग नहीं होने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठाए गए.
नए कलेक्टर के सामने वसूली और अधूरे काम चुनौती
करोड़ों रुपए के कामों में कथित अनियमितताओं और अधूरे निर्माण से जुड़े मामलों में राशि की वसूली और काम पूरा कराना नए कलेक्टर के सामने चुनौती होगी. खासकर बाहरी ठेकेदारों से जुड़े लंबित मामलों में प्रशासन को कार्रवाई और रिकवरी की दिशा में कदम उठाने होंगे.
हालांकि इन मामलों में वास्तविक वित्तीय नुकसान, जिम्मेदार लोगों और वसूली की स्थिति की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही होगी.
100% अटेंडेंस रिपोर्ट क्यों चर्चा में आई?
जुलाई की बायोमेट्रिक ई-अटेंडेंस रिपोर्ट इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कलेक्टर बीएस उइके ने 23 में से सभी 23 कार्य दिवसों में समय पर उपस्थिति दर्ज कराई थी. उन्हें 100 में 100 अंक मिले और वे प्रदेश के उन पांच अधिकारियों में शामिल रहे. जिन्होंने 100 प्रतिशत स्कोर हासिल किया.
इसके कुछ ही घंटों बाद उनके तबादले का आदेश सामने आने से यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है. हालांकि सरकार के तबादला आदेश में भगवान सिंह उइके को हटाने का कारण नहीं बताया गया है. इसलिए उनके ट्रांसफर को 100% उपस्थिति या किसी विशेष प्रशासनिक कार्रवाई से जोड़ना उचित नहीं होगा.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI



