बरसते पानी में भी उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली भव्य रथयात्रा, धूमाल, डीजे, झांकियां और लोक संस्कृति बनी आकर्षण का केंद्र

A surging tide of faith defied the pouring rain; a grand chariot procession was taken out with devotion and jubilation, while *Dhumal* (traditional percussion troupes), DJs, tableaux, and folk culture became the center of attraction.

बरसते पानी में भी उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली भव्य रथयात्रा, धूमाल, डीजे, झांकियां और लोक संस्कृति बनी आकर्षण का केंद्र

बरसते पानी में भी उमड़ा आस्था का सैलाब, आधा किलोमीटर लंबी रथ यात्रा में 20 हजार श्रद्धालु शामिल, जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा गरियाबंद
गरियाबंद : मूसलाधार बारिश भी भगवान श्रीजगन्नाथ के भक्तों की आस्था को नहीं रोक सकी। गुरुवार शाम गरियाबंद में श्रीजगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा बारिश के बीच शुरू हुई और कुछ ही देर बाद मौसम साफ होते ही पूरा शहर “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा। करीब 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं की मौजूदगी में लगभग आधा किलोमीटर लंबी रथ यात्रा नगर की सड़कों से होकर निकली.
श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा शहर जगन्नाथमय हो गया।श्री राम जानकी मंदिर, सिविल लाइन से प्रारंभ हुई रथ यात्रा का आयोजन श्री जगन्नाथ परिवार युवा बल, गरियाबंद के तत्वावधान में किया गया। भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा भव्य रूप से सजे रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। जैसे ही रथ आगे बढ़ा, श्रद्धालु रथ की रस्सी खींचने के लिए उमड़ पड़े। यात्रा में युवा, महिलाएं, बच्चे, व्यापारी, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु शामिल हुए.
रथ यात्रा श्री राम जानकी मंदिर से निकलकर भूतेश्वर चौक, तिरंगा चौक, कुम्हारापारा, सुभाष चौक, बजरंग चौक और मानस चौक होते हुए पुनः तिरंगा चौक पहुंची और पुराना मंगल बाजार में संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के सामने खड़े होकर भगवान के दर्शन किए तथा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया.
यात्रा के दौरान तिरंगा चौक में समिति, नगर पालिका परिषद और राम राज युवा संगठन की ओर से श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया। भगवान की आरती उतारी गई, पुष्पवर्षा की गई और प्रसाद वितरित किया गया। इसके अलावा पूरे मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिनंदन कर मंगलकामनाएं कीं.
धूमाल, डीजे, झांकियां और लोक संस्कृति बनी आकर्षण का केंद्र
रथ यात्रा में जय अम्बे धूमल (रायपुर), साहू डीजे लाइट (दुर्ग), मां मेलोडी (जूनागढ़, ओडिशा), रितेश लेजर लाइट (कवर्धा), कालाहांडी कट्टपा टीम, राम सेतु चलित झांकी, श्री हरि संकीर्तन बालिका दल (गोहेकेल), मध्यप्रदेश के चिल्पी का बैगा लोक नृत्य तथा राजपुर की खेमिन बाई निषाद की छत्तीसगढ़ी फोक पंडवानी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। धूमाल और डीजे की गूंजती धुनों पर युवा जमकर झूमे, जबकि रंग-बिरंगी रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया.
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद रही। देर रात तक श्रद्धालु भगवान श्रीजगन्नाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते रहे.
पूरे आयोजन के दौरान पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। थाना प्रभारी शिशिर पांडे स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। पुलिस बल पूरे रूट पर मुस्तैदी से तैनात रहा, जिससे रथ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुचारु बनी रही.
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धमतरी जगन्नाथ रथयात्रा में उमड़ी भारी भीड़
धमतरी : श्रद्धा ,आस्था और अटूट भक्ति के अनूठे संगम के साथ धमतरी में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की भव्य रथयात्रा निकाली गई. महाआरती के बाद जैसे ही भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा शुरू हुई, पूरा शहर  “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गूंज उठा.
धमतरी के ऐतिहासिक जगदीश मंदिर में सुबह 5 बजे से ही भक्तों का तांता लगा रहा. दोपहर में महाआरती के बाद जैसे ही रथ आगे बढ़ा, रिमझिम फुहारों ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया.
सुबह की मंगला आरती और दिव्य श्रृंगार
रथयात्रा के पावन दिन गुरुवार को सुबह ठीक 5 बजे श्री जगदीश मंदिर में मंगला आरती का आयोजन किया गया. आरती के तुरंत बाद भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए. सुबह से ही महाप्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं. मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित बालकृष्ण शर्मा ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान की पूजा-अर्चना संपन्न कराई. दोपहर के समय भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को भोग लगाया गया और फिर पूरे आदर-सत्कार के साथ महाप्रभु को रथ पर विराजित किया गया.
महाआरती में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब
रथयात्रा के प्रस्थान से पूर्व मंदिर के बाहर एक भव्य महाआरती का आयोजन किया गया. इस महाआरती में शहर के हजारों नागरिकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया. महाआरती के दौरान मंदिर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने रथ खींचने की रस्म में हिस्सा लिया। रथ खींचने के लिए भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह और प्रतिस्पर्धा देखी गई.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और यातायात व्यवस्था
रथयात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए थे. सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 150 से अधिक पुलिस जवान तैनात रहे। रथयात्रा के मुख्य मार्ग पर चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था. बालक चौक से विंध्यवासिनी मंदिर तक के मार्ग को चारपहिया व ऑटो वाहनों के लिए डायवर्ट कर दिया गया था. मार्ग के प्रत्येक प्रमुख चौक-चौराहों पर वर्दीधारी और सादी वर्दी में पुलिस बल मुस्तैद दिखाई दिए.
10 क्विंटल गजामूंग का महाप्रसाद
रथयात्रा के शुभ अवसर पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं. भक्तों के लिए विशेष रूप से 10 क्विंटल गजामूंग और चने का प्रसाद तैयार कर वितरित किया गया. सुबह से ही मंदिर परिसर और रथयात्रा मार्ग पर प्रसाद वितरण का कार्य लगातार चलता रहा. इसके अलावा, रथयात्रा के दौरान प्रेमप्रकाश आश्रम और स्वामी टेकरां मंदिर समिति सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा मुख्य मार्ग पर भंडारा और ठंडा पानी/शरबत वितरण की व्यवस्था भी की गई थी.
जनकपुर (मौसी के घर) पहुंची रथयात्रा
सदर मार्ग से होते हुए रथयात्रा देर शाम तक भगवान जगन्नाथ के जनकपुर (मौसी के घर) पहुंची, जहां भगवान अगले 10 दिनों तक विश्राम करेंगे. इस दौरान पूरे रामबाग क्षेत्र में भव्य मेला जैसा उत्सव का माहौल बना हुआ है. श्रद्धालु अगले दस दिनों तक यहीं भगवान के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे.
ट्रस्ट के पदाधिकारियों व गणमान्य नागरिकों की सराहनीय भूमिका
इस पूरी रथयात्रा को सफल बनाने में श्री जगदीश मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष किरण कुमार गांधी, उपाध्यक्ष सत्यनारायण राठी, सचिव प्रकाश गांधी, सहसचिव मोहन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष लक्ष्मीश भानूशाली, ट्रस्टी श्यामसुंदर अग्रवाल, डॉ. हीरा महावर, श्याम अग्रवाल, हर्षद मेहता, गोपल शर्मा, लक्ष्मीचंद बाहेती, अजय अग्रवाल, विपिन पटेल, मदनमोहन खंडेलवाल, बिहारीलाल अग्रवाल, दयाराम अग्रवाल, रमेश लाट, भरत सोनी और बालकृष्ण शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी सराहनीय सेवाएं दी.
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ग्राम मौरीकला में श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली भव्य रथयात्रा
कुरूद : ग्राम मौरीकला में भगवान श्री जगन्नाथ जी की पावन रथयात्रा इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। रिमझिम बारिश के बीच आयोजित इस भव्य रथयात्रा में गांव के छोटे-छोटे बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को डिगा नहीं सकी
रथयात्रा का शुभारंभ गुफा प्रांगण में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार और आरती के साथ हुआ। पूजन उपरांत भगवान को आकर्षक ढंग से सुसज्जित रथ पर विराजमान कर गांव भ्रमण के लिए रवाना किया गया.
रथयात्रा गुफा प्रांगण से प्रारंभ होकर गांव की विभिन्न गलियों एवं मोहल्लों से होते हुए ठाकुर दिया नीम चौरा तक पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के जयघोष करते हुए रथ को खींचते चले। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने रथ का स्वागत कर पुष्पवर्षा की तथा भगवान की आरती उतारकर मंगलकामना की। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर रथ को रोककर श्रद्धालुओं के बीच पारंपरिक गजा-मूंग का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा वातावरण भगवान जगन्नाथ के जयकारों, भजन-कीर्तन और भक्तिमय उल्लास से सराबोर रहा.
 ग्राम मौरीकला में विधि-विधानपूर्वक भगवान की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा में बच्चों का उत्साह, युवाओं की सक्रिय सहभागिता, महिलाओं की श्रद्धा और बुजुर्गों का आशीर्वाद पूरे आयोजन को विशेष बना रहा। बारिश के बीच भी श्रद्धालु पूरे मार्ग में भक्ति-भाव से भगवान के जयकारे लगाते हुए चलते रहे। ग्रामीणों ने इस आयोजन को गांव की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बताया.
पूरे आयोजन का समापन आरती, प्रसाद वितरण एवं भगवान श्री जगन्नाथ से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, अच्छी वर्षा, खुशहाली और जनकल्याण की मंगलकामना के साथ संपन्न हुआ.
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झमाझम बारिश के बीच हजारों श्रध्दालुओं का उमड़ा सैलाब, अमलीपदर में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में गूंजा बोल कालिया की जयघोष
गरियाबंद/मैनपुर : रथ यात्रा पर्व के अवसर पर सुबह से मैनपुर नगर सहित क्षेत्र में झमाझम बारिश से लोगों को राहत मिली। वहीं रिमझिम बारिश के बीच दिखा आस्था का महासंगम। भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, “बोल कालिया” के जयघोष से गूंज उठा अमलीपदर। झमाझम बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकीं। मैनपुर विकासखंड के अमलीपदर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से इस वर्ष भी भक्ति और उत्साह के साथ भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित युवराज पांडेय के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में छत्तीसगढ़ समेत ओडिशा, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
सुबह से लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालु मंदिर परिसर में डटे रहे। जैसे ही पंडित युवराज पांडेय ने भगवान जगन्नाथ को अपने कंधों पर उठाकर विधि-विधान से रथ पर विराजमान कराया, पूरा वातावरण “बोल कालिया” के जयघोष से गूंज उठा। पारंपरिक देव वाद्यों की मधुर धुन के बीच भगवान की रथयात्रा शुरू हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रथ की पवित्र डोर खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। गुंडीचा मंदिर में दिखी छत्तीसगढ़िया संस्कृति की झलक रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ को नौ दिनों के लिए अस्थायी गुंडीचा मंदिर में विराजमान कराया गया. इस वर्ष गुंडीचा मंदिर को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की थीम पर सजाया गया. पंडित युवराज पांडेय ने बताया कि उनका उद्देश्य भगवान को “छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा” में विराजमान होने का भाव प्रस्तुत करना था. इसी सोच के साथ मंदिर परिसर में छत्तीसगढ़िया संस्कृति और छत्तीसगढ़ महतारी की झलक को आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा.
सांसद रूपकुमारी चौधरी सहित जनप्रतिनिधि पहुंचे अमलीपदर
इस वर्ष की रथयात्रा में भाजपा प्रदेश महामंत्री पवन साय और सांसद रूप कुमारी चौधरी, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरु निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चन्द्राकर, गरियाबंद नगर पालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव सहित क्षेत्रभर के जनप्रतिनिधियों एवं जिले के आला अफसर विशेष रूप से शामिल हुए. इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमलीपदर पहुंचे और भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर रथयात्रा में सहभागिता निभाई। भगवान जगन्नाथ के गुंडीचा मंदिर में विराजमान होने के साथ ही अब बाहुदा यात्रा तक लगातार नौ दिनों तक विशेष धार्मिक आयोजन होंगे. इस दौरान प्रतिदिन पांच पहर भगवान का विशेष पूजन किया जाएगा.
मैनपुर, जाड़ापदर, भाठीगढ़, टीपपारा, कोदोभाठ, इंदागांव, उरमाल, गोहरापदर में भी भारी उत्साह 
मैनपुर नगर सहित पूरे क्षेत्र में रथयात्रा का पर्व पूरे आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया मैनपुर, जाड़ापदर, भाठीगढ़, टीपपारा, कोदोभाठ, इंदागांव, उरमाल, गोहरापदर मे रथ यात्रा पर्व के अवसर पर विशेष पूजा अर्चना प्रसाद वितरण किया गया साथ ही रथ खिंचने श्रध्दालु भक्तो की भीड़ उमड़ पड़ी.
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