भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता के चलते 11 महीने से इंसाफ की बाट जोह रहे गबन के शिकार 75 साल के बुजुर्ग ने मांगी इच्छामृत्यु

A 75-year-old victim of embezzlement, who has been waiting for justice for 11 months, sought euthanasia in the last phase of his life due to corruption and administrative apathy.

भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता के चलते 11 महीने से इंसाफ की बाट जोह रहे गबन के शिकार 75 साल के बुजुर्ग ने मांगी इच्छामृत्यु

बिलासपुर : थरथराते हुए हाथ, कांपते हुए पांव और इंसाफ की आस में पथराई आंखों के जरिए दर-दर भड़क रहे 75 साल के बुजुर्ग निहचल सिंह प्रशासनिक प्रपंचों से बुरी तरह हार गए हैं. भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता की वजह से निहचल पूरी तरह से हताश होकर अब शासन से इच्छा मृत्यु की मांग करने पर मजबूर हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक  तखतपुर निवासी निहचल सिंह 75 साल की उम्र में प्रशासनिक उदासीनता के शिकार इंसाफ पाने की अब आखरी चाह के साथ उनकी आँखें अपने उम्र के दराज में अब भी उम्मीदें लगाए हुए है.
दरअसल तखतपुर जिला बिलासपुर के रहने वाले निहचल सिंह का आरोप है कि पंजाब बैंक में इन्होंने वर्ष 2010 में अपने जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई फिक्स डिपॉजिट के तौर पर 10 लाख अपने, पत्नी और बच्चों के नाम पर जमा करवाया था. वर्ष 2023 में वे इसे रिनिवल करवाने बैंक गए तब पता चला कि बैंक मैनेजर और कैशियर के द्वारा खाते में छेड़छाड़ कर नगद रकम का गबन कर दिया गया.
जो कि नियम के खिलाफ और फर्जी तरीके से गबन कर दिया गया. इसको लेकर 75 साल के बुजुर्ग पिछले 11 महीने से कलेक्टर के जनदर्शन, थाना, एस पी और आईजी के चक्कर काट रहे हैं. कोरोनाकाल में पत्नी को खो चुके और बच्चे समेत अपने इलाज के लिए पैसे की कमी में कुछ भी करने में बेबस निहचल सिंह प्रशासनिक उदासीनता से पूरी तरह से टूट चुके हैं. और अब वे मजबूर होकर सरकार से इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं.
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