बवासीर के ऑपरेशन के दौरान 22 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप; सड़क पर उतरे लोग, मृतक को किया रेफर
22-year-old man dies during hemorrhoid surgery; family alleges negligence; people take to the streets; deceased had been referred to the hospital.
रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत खरसिया सिविल अस्पताल में एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आया है. यहां बवासीर (पाइल्स) के ऑपरेशन के दौरान एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई. मृतक के पिता ने ड्यूटी डॉक्टर पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए सड़क जाम कर दिया और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
क्या है पूरा मामला?
मिला जानकारी के मुताबिक खरसिया में अपने भाई के साथ चाय का स्टाल लगाने वाले ताम्रेश्वर शर्मा उम्र 22 साल को कुछ दिनों से खूनी दस्त की शिकायत थ. ताम्रेश्वर के पिता राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने उसे जांच और परामर्श के लिए खरसिया सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था.
पिता राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक अस्पताल के डॉक्टर विक्रम राठिया ने जांच के बाद युवक का ऑपरेशन करने की सलाह दी थी. जिस पर परिजनों ने अपनी सहमति दे दी थी. गुरुवार को ताम्रेश्वर को ऑपरेशन थिएटर (OT) ले जाया गया. जहां परिजन बाहर उसके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे.
परिजनों का आरोप: “मौत के बाद किया रेफर”
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ समय बाद डॉक्टर और संबंधित नर्सिंग स्टाफ ने बाहर आकर बताया कि ताम्रेश्वर को होश नहीं आ रहा है, इसलिए उसे बेहतर इलाज के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है.
जब परिजन मरीज को लेकर रायगढ़ पहुंचे, तो वहां के डॉक्टरों ने ताम्रेश्वर को मृत घोषित कर दिया. परिजनों और स्थानीय लोगों का दावा है कि युवक की मौत खरसिया अस्पताल के भीतर ही हो चुकी थी और मामले को रफा-दफा करने के लिए उसे रेफर करने की बात कही गई. पिता राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने कहा “मेरे बेटे को सिर्फ पाइल्स की शिकायत थी. इस सामान्य से ऑपरेशन में किसी की जान नहीं जाती. यह पूरी तरह से डॉक्टर की लापरवाही का नतीजा है.”
अस्पताल में हंगामा और चक्काजाम
युवक की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय नागरिक और परिजन आक्रोशित हो गए. बड़ी तादाद में लोग खरसिया सिविल अस्पताल पहुंचे और वहां हंगामा शुरू कर दिया. उग्र भीड़ ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया. जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया.
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया.
स्थानीय स्तर पर गहराया विरोध
इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक विरोध भी शुरू हो गया है. खरसिया नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने इस चक्काजाम और प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है. इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और प्रभारी की पृष्ठभूमि पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने मांग किया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए.
फिलहाल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और कथित लापरवाही की पुष्टि हो सकेगी
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