कोचिंग सेंटर में भयंकर आग लगने से 15 बच्चों की दर्दनाक मौत!, कई घायल, जान बचाने कूदे छात्र, खिड़कियों से बचाने की लगाई गुहार, जिम्मेदार कौन?

Tragic death of 15 children in a massive fire at a coaching center! Many injured; students jumped to save their lives and pleaded for rescue from the windows—who is responsible?

कोचिंग सेंटर में भयंकर आग लगने से 15 बच्चों की दर्दनाक मौत!, कई घायल, जान बचाने कूदे छात्र, खिड़कियों से बचाने की लगाई गुहार, जिम्मेदार कौन?

लखनऊ : राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को हुई भीषण आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें 3 महिलाएं हैं. मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है. जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. घटना के समय इमारत में अचानक आग लगी और कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई. आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.
अलीगंज के पूर्णिया इलाके में चल रहे एक कोचिंग इंस्टिट्यूट में आग लग गई. जिससे आसमान में धुएं के गुबार छा गए और छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा. स्थानीय लोगों ने देखा कि तेज़ी से फैलती आग से बचने के लिए कई छात्र इमारत से नीचे कूद गए. इमारत के बड़े हिस्से में धुआं फैलने के बाद कई छात्रों को इमारत से कूदने के लिए मजबूर होना पड़ा.
शुरुआत में इस घटना को कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी से जोड़कर देखा गया. लेकिन इमारत में न तो कोई कोचिंग सेंटर संचालित था और न ही कोई लाइब्रेरी चल रही थी. ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप थी. जबकि ऊपरी मंजिल पर एनिमेशन सेंटर संचालित था. जहां कर्मचारी काम कर रहे थे.
खबर मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद किया. आग की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि कई लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए. एक शख्स ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है. फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है. ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए थे. उन्होंने घायलों के समुचित उपचार और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दी जाएगी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है. मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी.
इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं बिजली विभाग और LDA के 4 अफसरों को भी सस्पेंड किया गया है. आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
ये हुए गिरफ्तार?
1. रामकृष्ण उपाध्याय 
2. वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला 
3. तूशॉक कृष्णा जायसवाल 
ये अधिकारी सस्पेंड
1. गौरव कुमार, एक्सईएन जानकीपुरम, बिजली विभाग
2. कमलेंद्र कुमार सिंह, अग्निशमन अधिकारी, इंदिरा नगर
3. अनिल कुमार, AE लखनऊ विकास प्राधिकरण
4. प्रमोद पांडे, JE लखनऊ विकास प्राधिकरण
लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है. SIT में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत प्रमुख और लखनऊ जोन अपर पुलिस डीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है. यह SIT सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t

लखनऊ की आग की घटना के बाद उठ रहे ये सवाल?
- क्या इस इमारत के कमर्शियल इस्तेमाल की इजाजत ली गई थी? अगर हां तो एलडीए या नगर निगम, जिसके अधीन आता हो, उसने इस इमारत के मानकों की जांच की या नहीं की? 
- अगर इजाजत नहीं ली गई तो क्या विभाग ने इस तरह बिना अनुमति के कमर्शियल इस्तेमाल की लेकर वाली इमारत पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? 
- इस इमारत में इमरजेंसी एग्जिट क्यों नहीं बनाया गया था? 
- अगर मानक के हिसाब से इसे नहीं बनाया गया तो क्या कोई नोटिस जारी की गई? 
- अगर नोटिस जारी हुई और तब भी सुधार नहीं हुआ तो इसे सीज क्यों नहीं किया गया? 
- क्या हर बार किसी घटना का इंतजार किया जाएगा कि घटना होगी तब चेकिंग का काम करके कार्रवाई होगी? 
- जिन 15 लोगों की जान गई, आख़िर उनकी मौत का ज़िम्मेदार कौन है?
पहला ये कि क्या इस इमारत के कमर्शियल इस्तेमाल की इज़ाजत ली गई थी? अगर हां तो एलडीए या नगर निगम, जिसके अधीन आता हो, उसने इस इमारत के मानकों की जांच की या नहीं की? अगर इज़ाजत नहीं ली गई तो क्या विभाग ने इस तरह बिना अनुमति के कमर्शियल इस्तेमाल की लेकर वाली इमारत पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? इस इमारत में इमरजेंसी एग्जिट क्यों नहीं बनाया गया था? अगर मानक के हिसाब से इसे नहीं बनाया गया तो क्या कोई नोटिस जारी की गई? अगर नोटिस जारी हुई और तब भी सुधार नहीं हुआ तो इसे सीज क्यों नहीं किया गया? क्या हर बार किसी घटना का इंतज़ार किया जाएगा कि घटना होगी तब चेकिंग का काम करके कार्रवाई होगी? जिन 15 लोगों की जान गई, आख़िर उनकी मौत का ज़िम्मेदार कौन है?
यूपी के फायर डिपार्टमेंट का कहना है कि इस घटना में फायर डिपार्टमेंट का एनओसी से कोई लेना देना नहीं है. फायर विभाग के नियमों के मुताबिक 15 मीटर या उससे अधिक ऊंची बिल्डिंग होने पर फायर डिपार्टमेंट से एनओसी की जरूरत पड़ती है. 15 मीटर आम तौर पर पांच मंजिला इमारत की होती है. जिस इमारत में आग लगी, वो इमारत तीन मंज़िला थी. ऐसे में ये फायर के मानकों के अधीन नहीं आती है. अब सवाल ये है कि अगर फायर विभाग से एनओसी नहीं लेनी होती है तो एलडीए ने बिल्डिंग को जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया होगा. ऐसे में एलडीए को बताना होगा कि क्या उस इमारत के कमर्शियल इस्तेमाल की अनुमति ली गई थी या नहीं.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने कल के सभी दौरे रद्द किए. सीएम कल आगरा और हाथरस के दौरे पर रहने वाले थे.
लखनऊ अग्निकांड पर सीएम योगी एक्शन मोड में हैं. उन्होंने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द किया और तुरंत लखनऊ पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया और घायलों से मुलाकात की. इसके बाद सीएम हाउस में अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई है. इस बैठक में कई उच्च अधिकारी मौजूद हैं. बैठक में सीएम ने कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
लखनऊ अग्निकांड के बाद घटना स्थल का जायजा लेने सीएम योगी पहुंचे. इसके बाद सीएम KGMU ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. उन्होने घायलों से पूछा कि वे कैसे बाहर निकले? हादसा कैसे हुआ? वे कहां रहते हैं और उनके साथ कितने साथी थे?
सूत्रों के अनुसार, जिस जगह पर बिल्डिंग बनी है, वह जमीन वीरेंद्र शुक्ला के नाम पर बताई जा रही है. बिल्डिंग का नक्शा सुरेन्द्र शुक्ला व धीरेन्द्र शुक्ला के नाम पर पास है. वीरेंद्र शुक्ला रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के मालिक है.
सूत्रों के मुताबिक बिल्डिंग में इमरजेंसी निकास द्वार नहीं था, जिसकी वजह से अग्निकांड में 15 लोगों की जान गई.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t

हादसे की ईमानदारी से जांच हो- अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ अग्निकांड पर दुख जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से जिन्होंने अपनी जान गंवाई है. उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि. जिन्होंने अपनों को खोया है. उन शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं. सरकार घायलों के लिए सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुनिश्चित करे. ये एक बेहद दुखद घटना है. इसके पीछे के कारणों की ईमानदारी से जांच हो, बच्चे किसी के घर के भी हो सकते थे. भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके, हम सबकी यही कोशिश होनी चाहिए.
मायावती ने कहा- अब स‍िर्फ आरोप-प्रत्‍यारोप से नहीं चलेगा काम
बसपा प्रमुख मायावती ने एक्‍स पर ल‍िखा, ''यूपी की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेन्टर में आज दोपहर बाद हुई अग्निकाण्ड में अनेक लोगों की मौत तथा और भी कई लोगों के घायल हो जाने की घटना अति-दुखद. इस तरह की जानलेवा घटनायें दिल को दहलाने वाली होती हैं तथा कितने ही परिवार की उम्मीदों को बिखेर देती हैं. ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये सबको मिलकर सही से काम करने की ज़रूरत है. सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा.'' 
हादसे पर राहुल गांधी का आया बयान
इस हादसे पर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का बयान सामने आया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने के हादसे में कई लोगों की मृत्यु और कई अन्य के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं.