भालू ने दो जगह किया हमला, सुबह 5 बजे हुए अटैक से महिला गंभीर, सिर,पेट और सीने पर गहरी चोटें, जिला अस्पताल रेफर, इधर ग्रामीण घायल

The bear attacked at two places, the woman was seriously injured in the attack at 5 am, with severe injuries to the head, stomach and chest, and was referred to the district hospital. Meanwhile, villagers were injured.

भालू ने दो जगह किया हमला, सुबह 5 बजे हुए अटैक से महिला गंभीर, सिर,पेट और सीने पर गहरी चोटें, जिला अस्पताल रेफर, इधर ग्रामीण घायल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : मरवाही थाना क्षेत्र अंतर्गत गुल्लीडांड (चिल्हन) गांव में शुक्रवार सुबह एक जंगली भालू के हमले में 55 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. महिला पर उस समय हमला हुआ जब वह सुबह दैनिक क्रिया के लिए घर से बाहर निकली थीं. गंभीर चोटों की वजह से उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया. जहां उनका इलाज जारी है.
अचानक हमले से नहीं मिला बचाव का मौका
मिली जानकारी के मुताबिक गुल्लीडांड निवासी रामवती उम्र 55 साल शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे घर से बाहर शौच के लिए गई थीं इसी दौरान जंगल की तरफ से आए एक जंगली भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया. हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि महिला को संभलने या बचाव का मौका नहीं मिल सका. भालू के हमले में रामवती के पेट, छाती और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं. हमले के दौरान उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की आहट और शोर सुनकर भालू जंगल की तरफ भाग गया.
108 एम्बुलेंस की मदद से पहुंचाया गया अस्पताल
हमले की खबर डायल-108 एम्बुलेंस सेवा को दी गई. खबर मिलते ही ईएमटी गणेश्वर प्रसाद और पायलट भूपत सिंह मौके पर पहुंचे. एम्बुलेंस टीम ने घायल महिला को प्राथमिक उपचार देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही पहुंचाया. चिकित्सकों ने महिला की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक महिला का इलाज जारी है और उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है.
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद गुल्लीडांड सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में जंगली भालुओं की गतिविधियां बढ़ी हैं. जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी वृद्धि देखने को मिल रही है. ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में नियमित गश्त, निगरानी बढ़ाने और लोगों को सुरक्षा संबंधी जागरूकता प्रदान करने की मांग की है. उनका कहना है कि सुबह और शाम के समय जंगल से लगे इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए.
बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती
मरवाही और आसपास के वन क्षेत्रों में भालुओं की मौजूदगी लंबे समय से दर्ज की जाती रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक भोजन और पानी की तलाश में जंगली जानवर कई बार आबादी वाले इलाकों के करीब पहुंच जाते हैं. जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं. ऐसे मामलों में वन विभाग द्वारा त्वरित निगरानी, सतर्कता और जनजागरूकता अभियान चलाना बेहद आवश्यक माना जाता है.
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भालू ने किया ग्रामीण पर हमला
नारायणपुर : नारायणपुर जिला के कोडेनार क्षेत्र में 4 जून 2026 को सुबह करीब 4 बजे कोडेनार में भालू के हमले का मामला सामने आया है. यह हमला उस वक़्त हुआ जब ग्रामीण पाकलू मंडवी उम्र 29 साल निवासी पीवर अपने समीप वन क्षेत्र से होकर गुजर रहा था. उस समय भालू ने ग्रामीण पर अचानक हमला कर दिया.
हमले की खबर 53वी वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की सी.ओ.बी. कोडेनार को मिली. खबर मिलते ही 53वी वाहिनी के जवान और यूनिट मेडिक्स घटनास्थल पर पहुंचे और घायल ग्रामीण को प्राथमिक उपचार दिया. प्राथमिक उपचार के बाद ग्रामीण को चिकित्सा सहायता के लिए सी.ओ.बी. कोडेनार लाया गया. घायल ग्रामीण की चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्नत और बेहतर इलाज के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के फील्ड अस्पताल कुतुल भेजा गया.
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