जादू-टोना के नाम पर सामाजिक बहिष्कार, पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से लगाई इंसाफ की गुहार, साहू परिवार बेहद परेशान, दी आत्महत्या की चेतावनी
Social ostracism in the name of witchcraft; victimized family appeals to the Collector for justice. The Sahu family is in deep distress and has threatened to commit suicide.
धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां अंधविश्वास की आड़ में दो परिवारों का जीवन तबाह कर दिया गया है. मामला कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम बोदाछापर का है. यहां नरोत्तम साहू और तीरथ राम साहू ने गांव के लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि परिवारों को टोनहा कहकर गांव से बहिष्कृत कर दिया गया है. यह बहिष्कार एक दो दिन का नहीं बल्कि पूरे एक साल से जारी है. पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से इंसाफ की गुहार लगाई है.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव में न तो इन परिवारों से कोई बात कर सकता है न ही इन्हें कोई रोजगार मिलता है. महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग कुल 12 लोग इस सामाजिक बहिष्कार की मार झेल रहे हैं. परेशान होकर दोनों परिवार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई. वहीं प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
साहू परिवार बेहद परेशान, इंसाफ नहीं मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी
तीरथ राम साहू ने गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि उनके नाती की मौत के बाद परिवार ने शव को अपने बाड़ी में दफनाया था. जहां नाती की याद में मठ बनाने की प्लान थी. लेकिन गांव के कुछ लोगों ने कब्र से शव निकालकर उसे श्मशान ले जाकर जला दिया. जब उसने इसका विरोध किया तो गांव वालों ने उन्हें टोनहा कहकर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और सामाजिक बहिष्कार कर दिया. तीरथ साहू ने बताया कि परिवार बेहद चिंतित और परेशान है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे आत्महत्या कर लेंगे.
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