बंद कमरे से निकला धुआं, अंदर जिंदा जला मिला 11वीं का नाबालिग छात्र, ऑयल पेंट-माचिस बरामद, आत्महत्या या हादसा की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
Smoke emerged from a closed room; a minor Class 11 student was found burnt to death inside. Oil paint and a matchbox were recovered; police are investigating whether it was a case of suicide or an accident.
कोरबा : कोरबा जिले के दीपका बस्ती में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना में 17 साल का छात्र की जलने से मौत हो गई. घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे. लेकिन जिस कमरे में छात्र था उसका दरवाजा अंदर से बंद होने की वजह से समय रहते उस तक मदद नहीं पहुंच सकी. परिजनों ने दरवाजा तोड़ा तो कमरा धुएं से भरा हुआ था. और छात्र गंभीर रूप से जली हालत में पड़ा मिला। उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी. फिलहाल आग लगने की असल वजह साफ नहीं है, यह मामला दीपका थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक दिलीप कंवर उम्र 17 साल आत्मानंद स्कूल दीपका में कक्षा 11वीं का छात्र था. शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे दिलीप की बड़ी मां घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं. इसी दौरान उनकी नजर नीचे स्थित एक कमरे से निकल रहे धुएं पर पड़ी. उन्होंने फौरन परिवार के अन्य सदस्यों को आवाज देकर इसकी जानकारी दी.
दरवाजा तोड़ा तो अंदर जला मिला छात्र
परिजन दौड़कर कमरे के पास पहुंचे. लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था. कमरे से लगातार धुआं निकल रहा था. हालात की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया. दरवाजा खुलते ही अंदर का नजारा देखकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए. पूरा कमरा धुएं से भरा था और दिलीप गंभीर रूप से जली हालात में पड़ा हुआ था.
उसे फौरन कमरे से बाहर निकाला गया. लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. घटना की जानकारी दीपका थाना पुलिस को दी गई. खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू की. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
कमरे में मिला ऑयल पेंट और माचिस
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से ऑयल पेंट और माचिस मिलने की जानकारी सामने आई है. अब पुलिस इन वस्तुओं सहित घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों की जांच कर रही है. घटना के बाद आसपास के लोगों और परिजनों के बीच आग लगने की वजह को लेकर अलग-अलग आशंकाएं जताई जा रही हैं. कुछ लोगों के बीच मोबाइल फोन फटने से आग लगने की चर्चा है. वहीं खुदकुशी की आशंका भी जताई गई है.
हालांकि पुलिस ने फिलहाल इनमें से किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं की है. पुलिस का कहना है कि घटना की असल वजह का पता फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. ऐसे में मोबाइल ब्लास्ट या खुदकुशी से जुड़ी चर्चाओं को अभी सिर्फ आशंका के तौर पर देखा जा रहा है.
तीन दिन पहले ही शुरु किया था स्कूल जाना
बताया जा रहा है कि दिलीप ने सप्लीमेंट्री परीक्षा पास करने के बाद करीब तीन दिन पहले ही दोबारा स्कूल जाना शुरू किया था. कुछ दिनों बाद उसकी अर्धवार्षिक परीक्षा होने वाली थी और वह इसकी तैयारी कर रहा था. दिलीप के पिता एसईसीएल की बगदेवा खदान के ब्लास्टिंग विभाग में कार्यरत बताए गए हैं. अचानक हुई इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है. मोहल्ले में भी शोक का माहौल है.
पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कमरे में आग कैसे लगी और छात्र किन हालात में उसकी चपेट में आया.
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