रात होते ही खेतों में पहुंच रहे हाथी, जंगल में 101 हाथियों की मौजूदगी, 8 किसानों की फसल बर्बाद, रौंदने के लिए दौड़ाया, महिला घायल, मचा हड़कंप

Elephants are reaching the fields at nightfall, 101 elephants are present in the forest, crops of 8 farmers are destroyed, they are chased to trample them, a woman is injured, causing panic.

रात होते ही खेतों में पहुंच रहे हाथी, जंगल में 101 हाथियों की मौजूदगी, 8 किसानों की फसल बर्बाद, रौंदने के लिए दौड़ाया, महिला घायल, मचा हड़कंप

रायगढ़ : रायगढ़ जिले में हाथियों का दल रात के समय खेतों तक पहुंचने लगा है. खेतों में लगी धान की फसल को भारी नुकसान हो रहा है. धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों ने 8 किसानों की फसल रौंदकर खराब कर दिया. वहीं जिले के जंगलों में 101 हाथी विचरण कर रहे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक धरमजयगढ़ वन मंडल में 98 हाथियों का दल अलग-अलग जंगलों में विचरण कर रहा है. सोमवार की रात को हाथियों का दल ग्रामीणों के खेतों में घुस गया और 8 किसानों की धान की फसल को नुकसान हुआ. बोरो रेंज के चाल्हा में 1 किसान की धान फसल, धरमजयगढ़ बरतापाली में 1 किसान की फसल, माढरमार और आमापाली में 5 फसल, भंडरीमुड़ा में 1 किसान की फसल रौंदा. रात में खेतों में हाथियों की आने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण और वन अमला खदेड़ने पहुंचे.
लेकिन हाथी वहीं डटे रहे और काफी फसल को नुकसान करने के बाद सुबह होने से पहले जंगल की तरफ़ चले गए. नुकसान हुई फसल का आंकलन वन अमला कर रहा है. उसके बाद मुआवजा की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. धरमजयगढ़ वन मंडल के ओंगना में रहने वाली भारती यादव और कुछ महिलाएं महुआ बिनने जंगल गई थीं. अचानक एक हाथी से उनका सामना हो गया. हाथी ने उन्हें दौड़ाया, जिससे महिला घायल हो गई. उनके चेहरे पर चोट लगी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
वन विभाग के मुताबिक रायगढ़ जिले के जंगलों में वर्तमान में कुल 101 हाथी घूम रहे हैं. इनमें से 98 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में अलग-अलग समूहों में सक्रिय हैं. जिनमें 26 नर, 50 मादा और 22 शावक शामिल हैं. इसके अलावा रायगढ़ वन मंडल में 3 हाथी हैं, जिनमें 2 नर और 1 मादा शामिल हैं.
वन विभाग की टीम इन हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके.
क्यों बढ़ रहा मानव-हाथी संघर्ष?
छत्तीसगढ़ के कई जिलों, खासकर उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में मानव-हाथी संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। इसके पीछे कई कारण माने जाते हैं:
जंगलों में भोजन की कमी: प्राकृतिक संसाधनों की कमी के कारण हाथी गांवों की ओर आ रहे हैं.
धान की फसल का आकर्षण: धान हाथियों का पसंदीदा भोजन है, इसलिए वे खेतों को निशाना बनाते हैं.
जंगलों का सिमटना: विकास कार्यों और अतिक्रमण से हाथियों के पारंपरिक रास्ते (कॉरिडोर) प्रभावित हुए हैं.
रात में ज्यादा सक्रियता: हाथी रात के समय ज्यादा सक्रिय होते हैं, जिससे नुकसान का खतरा बढ़ जाता है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFk