अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, साड़ी में लिपटी मिली युवती की लाश, शादी का दबाव बनाने पर मर्डर, 48 घंटे में शादीशुदा प्रेमी समेत दो आरोपी गिरफ्तार
Blind murder mystery solved, young woman's body found wrapped in a sari, murder due to pressure to marry, two accused including married lover arrested within 48 hours
कांकेर : कांकेर जिले के दुधावा चौकी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे कत्ल के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. ग्राम बांगाबारी स्थित बुढ़ा तालाब में साड़ी में लिपटी मिली युवती की लाश की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने प्रेम प्रसंग में हत्या करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
मिली जानकारी के मुताबिक 1 फरवरी 2026 को दुधावा चौकी अंतर्गत ग्राम बांगाबारी के बुढ़ा तालाब में ग्रामीणों ने एक अज्ञात युवती का शव तैरती मिली. शव साड़ी में लिपटा हुआ था. जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई. तालाब में लाश मिलने की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में डर का माहौल बन गया.
खबर मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकलवाकर मर्ग कायम कर जांच शुरु की गई. शुरुआत में युवती की पहचान नहीं हो पाने की वजह से पुलिस ने आसपास के थानों में गुमशुदगी की जानकारी जुटाई. और साथ ही सोशल मीडिया व व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए शव की पहचान करने की कोशिश की.
इसी दौरान शव की पहचान नेहा वट्टी उम्र 18 साल निवासी ग्राम बासनवाही के रुप में हुई. पहचान होते ही पुलिस ने मृतिका के परिजनों से संपर्क कर पूछताछ शुरु की. परिजनों और करीबी लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे. जांच में सामने आया कि नेहा वट्टी का ग्राम बांगाबारी निवासी बिरेंद्र ध्रुव के साथ प्रेम संबंध था. आरोपी बिरेंद्र पहले से शादीशुदा था. इसके बावजूद वह युवती के संपर्क में था. बताया गया कि मृतिका उस पर शादी का दबाव बना रही थी. जिससे आरोपी मानसिक रुप से परेशान था. पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस दबाव से छुटकारा पाने के लिए आरोपी बिरेंद्र ध्रुव ने अपने दोस्त भागवत ध्रुव के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची.
घटना की रात दोनों आरोपियों ने युवती को भगाने और साथ ले जाने का बहाना बनाया और मोटरसाइकिल से उसे बुढ़ा तालाब ले गए. वहां तालाब के पास स्थित पचरी के पास दोनों ने मिलकर युवती को पानी में डुबो दिया. जिससे उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की. उन्होंने मृतिका का मोबाइल फोन, चप्पल और अन्य दस्तावेज तालाब में फेंक दिया. ताकि पहचान और सबूत न मिल सकें. हालांकि पुलिस की सघन जांच और तकनीकी विश्लेषण ने आरोपियों की योजना को विफल कर दिया.
पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की. जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और मृतिका का मोबाइल फोन जब्त किया गया. इसके अलावा, गोताखोरों की मदद से तालाब से युवती की चप्पल और अन्य सामान भी बरामद किया गया.
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह खुलासा टीमवर्क, तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित जांच का नतीजा है. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि अवैध और असंतुलित संबंध किस तरह गंभीर अपराध का रुप ले सकते हैं.
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