बिजली विभाग की तेज रफ्तार गाड़ी ने 4 वर्षीय मासूम को रौंदा, गांव में तनाव, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, हिरासत में चालक, भारी पुलिस बल तैनात
A speeding electricity department vehicle crushed a 4-year-old child, resulting in tension in the village, villagers' anger erupting, driver in custody, and heavy police deployment.
खैरागढ़/छुईखदान : छुईखदान ब्लॉक के कुटेली खुर्द गांव में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना हो गई. जिसमें बिजली विभाग के तेज रफ्तार वाहन ने चार साल के मासूम दीपांशु को कुचल दिया. गंभीर रुप से घायल बच्चे को फौरन अस्पताल ले जाया गया. लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. हादसे के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई और ग्रामीण लापरवाह चालक की फौरन गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे. बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने गांव में भारी बल तैनात किया और वाहन चालक को हिरासत में ले लिया. मामले की जांच जारी है.
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग के वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग की शिकायतें पहले भी विभाग के सामने उठाई गई थीं. हालांकि विभाग ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया. ग्रामीणों का कहना है कि आज उसी लापरवाही का खामियाजा मासूम ने भुगता.
दीपांशु के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. बच्चे की मौत के बाद माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है. परिवार और गांव वाले सदमे में हैं. बच्चा गांव में सभी का चहेता था और उसकी अचानक मौत ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया. घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और किसी तरह की हिंसात्मक प्रतिक्रिया से बचने की अपील की.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के वाहन अक्सर तेज गति में चलते हैं और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं. उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. इस घटना ने गांव में बिजली विभाग के प्रति असंतोष और नाराजगी बढ़ा दी है. छोटे बच्चों के लिए सड़क सुरक्षा और वाहन नियमों का पालन बेहद जरुरी है. तेज रफ्तार वाहन और लापरवाह ड्राइविंग बच्चों और आम जनता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं.
पुलिस ने बताया कि आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की कार्रवाई शुरु कर दी गई है. इसके अलावा अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
इस हादसे ने खैरागढ़ और आसपास के इलाकों में सड़क सुरक्षा और विभागीय जवाबदेही की अहमियत को उजागर कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को वाहन चालकों के प्रशिक्षण और नियमों के पालन पर कड़ा ध्यान देना चाहिए. इस घटना ने न सिर्फ मासूम के परिवार को अपूरणीय क्षति पहुँचाई है. बल्कि पूरे समुदाय को भी सदमे में डाल दिया है. ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में कोई और मासूम इस तरह की लापरवाही का शिकार न हो.
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