डायल-112 ड्यूटी के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में दुर्घटना के बाद एसपी ने लिया सख्त एक्शन, आरक्षक और वाहन चालक को सेवा से किया बाहर!
The SP took strict action following an accident involving a Dial-112 vehicle driven by an intoxicated driver while on duty; the constable and the driver have been dismissed from service.
बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में डायल-112 की ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए गए आरक्षक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने आरक्षक संजय मारकण्डे को पुलिस सेवा से अलग कर दिया है. आरोप है कि आरक्षक और डायल-112 वाहन का चालक ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में थे और इसी दौरान शासकीय वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, मामले की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरक्षक के आचरण को गंभीर अनुशासनहीनता और ड्यूटी के प्रति लापरवाही माना गया.
मिली जानकारी के मुताबिक बसंतपुर थाना क्षेत्र में संचालित डायल-112 वाहन नम्बर CG 03 A 2749 में 7 जुलाई 2026 की रात आरक्षक क्रमांक 878 संजय मारकण्डे की ड्यूटी लगाई गई थी. वाहन में ड्राइवर ओमप्रकाश यादव भी तैनात था. रात करीब 11:40 बजे खबर मिलने के बाद आरक्षक और चालक डायल-112 वाहन से ग्राम सिवरी बरतीकला की तरफ रवाना हुए थे. बताया गया कि रात करीब 11:45 बजे वाड्रफनगर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर न्यू पंचवटी ढाबा के आगे डायल-112 वाहन की सामने से आ रही एक पिकअप से जोरदार टक्कर हो गई.
हादसा इतना जबरदस्त था कि डायल-112 वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई. जांच के दौरान आरक्षक और वाहन चालक के शराब के नशे में होने की बात सामने आई, इसके बाद दोनों को तत्काल मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर भेजा गया,
विभागीय जानकारी के मुताबिक मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में आरक्षक संजय मारकण्डे और चालक के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई. मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर आरक्षक की भूमिका की जांच की गई. इसमें पाया गया कि डायल-112 जैसी अहम आपातकालीन सेवा में ड्यूटी पर तैनात होने के बावजूद आरक्षक शराब के नशे में था. विभाग ने इसे ड्यूटी के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना. सरकारी वाहन के हादसा होने से विभागीय संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा.
डायल-112 सेवा आम लोगों को आपात स्थिति में फौरन मदद कराने के लिए संचालित की जाती है. ऐसे में इस सेवा में तैनात कर्मचारियों से विशेष सतर्कता और अनुशासन की उम्मीद की जाती है. मामले में सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाया. एसपी वैभव बैंकर ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए आरक्षक संजय मारकण्डे के खिलाफ कार्रवाई की और उसे तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से अलग करने का आदेश जारी किया. उपलब्ध जानकारी में चालक ओमप्रकाश यादव के खिलाफ की गई अंतिम विभागीय कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं है. ऐसे में चालक पर कार्रवाई को लेकर आधिकारिक आदेश या विभागीय जानकारी की पुष्टि आवश्यक होगी.
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