छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइडलाइन दरें जारी, शहरी के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी राहत, 30 जनवरी 2026 से होंगी लागू

New land guideline rates released in Chhattisgarh, bringing significant relief to rural areas compared to urban areas, effective January 30, 2026.

छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइडलाइन दरें जारी, शहरी के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी राहत, 30 जनवरी 2026 से होंगी लागू

रायपुर : छत्तीसगढ़ में संपत्ति गाइडलाइन दरों से जुड़ी बड़ी खबर है. राज्य की जिला मूल्यांकन समितियों से मिले प्रस्तावों के आधार पर स्थावर संपत्ति की गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण को मंजूरी दे दी गई है. यह संशोधित गाइडलाइन दरें 30 जनवरी 2026 से प्रभावशील होंगी.
कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000” के प्रावधानों के तहत केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई.
इस बैठक में जिला मूल्यांकन समिति रायपुर और कोरबा से प्राप्त स्थावर संपत्ति के गाइडलाइन दर वर्ष 2025-26 में पुनरीक्षण संबंधी प्रस्ताव अनुमोदित किये गए. बोर्ड द्वारा अनुमोदित गाइडलाइन दरों की प्रति संबंधित कलेक्टर और जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्षों को जरुरीकार्रवाई के लिए भेजी गई है. अब संशोधित गाइडलाइन दरें 30 जनवरी 2026 से प्रभावशील होंगी.
खास बात यह है कि नई गाइडलाइन में शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की दरों में भारी कमी की गई है. जिससे गांवों में जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों को सीधी राहत मिलेगी.
संशोधित गाइडलाइन दरों की मंजूरी रायपुर और कोरबा जिले के लिए दी गई है. यह नई दरें 30 जनवरी 2026 से लागू होंगी. इसके बाद इन दोनों जिलों में जमीन और संपत्ति का पंजीयन इन्हीं संशोधित दरों के आधार पर किया जाएगा. रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप ड्यूटी की गणना भी नई गाइडलाइन के मुताबिक होगी.
गौरतलब है कि राज्य में 20 नवंबर 2025 से नई गाइडलाइन दरें पहले ही लागू की जा चुकी थीं. इसके बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया था अगर किसी क्षेत्र में बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में फर्क है. तो वे जरुरी संशोधन प्रस्ताव भेजें। इसी के तहत रायपुर और कोरबा की जिला मूल्यांकन समितियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के लिए संशोधन प्रस्ताव तैयार किया.
रायपुर और कोरबा से भेजे गए इन प्रस्तावों पर महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई. बैठक में दोनों जिलों के प्रस्तावों की बारीकी से जांच की गई और विस्तृत चर्चा के बाद संशोधित गाइडलाइन दरों को स्वीकृति दे दी गई. इसके बाद इन्हें लागू करने का रास्ता साफ हो गया.
नई गाइडलाइन में सबसे बड़ा बदलाव ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला है. शहरी इलाकों की तुलना में गांवों की जमीन की दरों में उल्लेखनीय कमी की गई है। जानकारों का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री बढ़ेगी और छोटे किसानों व आम लोगों को फायदा होगा. वहीं शहरी क्षेत्रों में दरें बाजार मूल्य के ज्यादा करीब रखने की कोशिश की गई है.
सरकार ने साफ किया है कि आम नागरिक और संबंधित पक्ष नई गाइडलाइन दरों की पूरी जानकारी अपने-अपने जिला पंजीयन कार्यालय से ले सकते हैं. इसके अलावा पंजीयन विभाग की वेबसाइट और सूचना पटों पर भी दरों को प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि लोगों को किसी तरह की असमंजस की स्थिति न बने.
राज्य सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अन्य जिलों से जैसे ही गाइडलाइन दरों में संशोधन के प्रस्ताव मिलेंगे. उन्हें नियमानुसार स्वीकृति देकर लागू किया जाएगा. सरकार का मकसद जमीन और संपत्ति पंजीयन व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाना और गाइडलाइन दरों को वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरुप रखना है.
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