सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 14 लाख की ठगी, पति को ड्राइवर और भाई को आरक्षक बनाने का दिया झांसा, आरोपी तोपचंद रायपुर से गिरफ्तार

Fraud of ₹14 lakh committed under the pretext of securing government jobs; the accused—Topchand—was arrested in Raipur after luring the victims with promises of a driver's job for the husband and a constable's post for the brother.

सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 14 लाख की ठगी, पति को ड्राइवर और भाई को आरक्षक बनाने का दिया झांसा, आरोपी तोपचंद रायपुर से गिरफ्तार

दुर्ग/भिलाईनगर : पुलिस विभाग में शासकीय नौकरी लगाने का झांसा देकर एक परिवार से 14 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को स्मृतिनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी ने प्रार्थीया के पति को चालक और उसके भाई को आरक्षक के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग समय में कुल 14,00,001 रुपये हासिल किए थे. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से जुर्म में इस्तेमाल मोबाइल फोन और संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक 6 अगस्त 2026 को आर्यनगर, कोहका निवासी श्रीमती खोमिन ध्रुवे उम्र 36 साल ने चौकी स्मृतिनगर में शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2024 में आरोपी तोपचंद धनकर उम्र 32 साल ने उनके पति अश्वनी कुमार ध्रुवे को चालक और भाई रितेश ठाकुर को पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था.
आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर प्रार्थीया से कुल 14,00,001 रुपये ले लिए. लेकिन नौकरी नहीं लगवाई. शिकायत के आधार पर चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1255/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की गई.
पहले से दर्ज था धोखाधड़ी का मामला
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी तोपचंद धनकर के खिलाफ थाना नेवई में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है. उसके खिलाफ दो स्थाई वारंट जारी होने की वजह से वह लगातार फरार चल रहा था. स्मृतिनगर पुलिस टीम ने आरोपी की पतासाजी करते हुए उसके संभावित ठिकाने की जानकारी जुटाई और रायपुर में दबिश दी.
पुलिस टीम ने उरला स्थित साहिल किराना स्टोर्स, शिव मंदिर के पास से आरोपी को हिरासत में लिया पूछताछ में आरोपी द्वारा घटना में संलिप्तता कबूल किए जाने के बाद उसके कब्जे से जुर्म में इस्तेमाल मोबाइल फोन और संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए. आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर उसके खिलाफ जारी स्थाई वारंटों की तामीली की गई. इसके बाद वर्तमान मामले में उसे न्यायिक रिमांड के लिए अदालत के सामने पेश किया गया.
नौकरी का झांसा देकर बनाया भरोसा
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शासकीय पुलिस विभाग में चालक और आरक्षक के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर पीड़ित परिवार का भरोसा हासिल किया. इसके बाद अलग-अलग समय में नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 14,00,001 रुपये लेकर धोखाधड़ी की.
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