बिरगांव प्रसूता मौत मामला, 6 प्रसूताओं को छोड़कर घर चली गई डॉक्टर, बिना खून की व्यवस्था के किया साक्षी का ऑपरेशन, दोनों दोषी करार
Birgaon maternity death case, doctor left 6 pregnant women and went home, operated on Sakshi without arranging blood, both convicted
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बीरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता की मौत मामले की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रभारी डॉक्टर अंजना कुमार लाल और स्टाफ अनुपम सिंह की बड़ी लापरवाही की. 9 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 1 नहीं बल्कि 6 प्रसूताओं की डिलीवरी हुई थी. लेकिन अस्पताल में शाम के बाद एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था.
मिली जानकारी के मुताबिक 6 प्रसूताएं और 6 नवजात और नसबंदी की दो महिला मरीज सिर्फ एक पुरुष नर्सिंग स्टाफ के भरोसे थी. इनमें से 3 का सिजेरियन, 3 नॉर्मल डिलीवरी और नसबंदी के 2 ऑपरेशन हुए थे. प्रभारी डॉक्टर अंजना कुमार मरीजों की निगरानी करना छोड़ अस्पताल से चली गई थी. बिना इलाज शाम को ही प्रसूता की डिस्चार्ज पर्ची बना ली गई थी.
मृतका साक्षी को लेकर जो जानकारी सामने आई. वह भी चौकाने वाली है. साक्षी का हीमोग्लोबिन सिर्फ 9 ग्राम था. बिना खून की व्यवस्था के डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया था. बहुत ज्यादा खून बहने के बाद भी प्रसूता को इलाज नहीं मिला और वह देर रात तक तड़पती रही. और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया.
बीरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता की मौत मामले को लेकर खबर दिखाए जाने के बाद गठित की जांच टीम ने डॉक्टर और स्टाफ नर्स को दोषी पाया है. जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में डाक्टर अंजना कुमार और नर्सिंग स्टाफ अनुपम को सस्पेंड करने की अनुशंसा की है. डॉक्टरों के मुताबिक अत्याधिक रक्तस्त्राव की वजह से प्रसूता की मौत हुई थी. डिलीवरी के बाद टांके लगाने में भी लापरवाही बरती गई थी.
इस मामले में एक मोड़ तब आया था जब मेल नर्स अनुपम के समर्थन में बिरगांव हेल्थ सेंटर का बाकी स्टाफ और क्षेत्र की मितानिनें सीएमएचओ कार्यालय पहुंच गई थीं. उन्होंने दावा किया था कि अनुपम लापरवाह नहीं है और उसे फंसाया जा रहा है. हालांकि अधिकारियों की समझाइश के बाद वे वापस लौट गए थे.
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