PWD विभाग की घोर अनदेखी का शिकार बना राजिम का 4 लेन सड़क भूमिपूजन!, नेताओं की अनदेखी, पत्रकारों को नहीं बुलाया, खाली कुर्सियां बनी चर्चा
The groundbreaking ceremony for the four-lane road in Rajim fell victim to the PWD department's gross negligence. Politicians ignored it, journalists were not invited, and empty chairs became a topic of discussion.
गरियाबंद/राजिम : नवीन मेला स्थल राजिम चौबेबांध से लक्ष्मण झूला तक करीब 3.50 किलोमीटर लंबाई में प्रस्तावित 4 लेन सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन समारोह बड़े दावों और उम्मीदों के बीच संपन्न हुआ। यह सड़क निर्माण कार्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है. जिससे न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नया आयाम मिलने की संभावना जताई जा रही है.
खासकर राजिम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल में हर साल लगने वाले मेले और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यह सड़क अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है. लेकिन विकास कार्य के इस शुभारंभ कार्यक्रम के साथ ही आयोजन को लेकर कई तरह की नाराजगी और सवाल भी सामने आए हैं.
सूत्रों के मुताबिक पार्टी के कई वरिष्ठ, अनुभवी और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेताओं को इस कार्यक्रम से दूर रखा गया. उनके नाम न तो आमंत्रण कार्ड में शामिल किए गए और न ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से खबर दी गई. इससे पार्टी कार्यकर्ताओं और उपेक्षित नेताओं में असंतोष साफ तौर पर देखा गया. कई नेताओं ने इसे संगठनात्मक समन्वय की कमी बताते हुए नाराजगी जताई है.
सिर्फ राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि मीडिया जगत में भी इस आयोजन को लेकर असंतोष देखने को मिला. स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया और सिर्फ चुनिंदा, करीबी या “चहेते” पत्रकारों को ही बुलाया गया. इससे पत्रकारों में नाराजगी व्याप्त है और इसे पारदर्शिता के विपरीत बताया जा रहा है.
इस कार्यक्रम के दौरान की एक और तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी रही. जहां आयोजन स्थल पर कई कुर्सियां खाली नजर आईं. बड़े स्तर के कार्यक्रम के बावजूद अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई. जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या आमंत्रण और सूचना व्यवस्था में कहीं कमी रह गई थी. खाली कुर्सियां आयोजन की तैयारी और जनसंपर्क की स्थिति को बयां करती नजर आईं.
हालांकि मंच से परियोजना की महत्ता और विकास के दावों को प्रमुखता से रखा गया, लेकिन कार्यक्रम की व्यवस्थागत कमियों ने पूरे आयोजन की चमक को फीका कर दिया. कुल मिलाकर, एक ओर जहां 4 लेन सड़क निर्माण की शुरुआत को क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. वहीं दूसरी ओर आयोजन में हुई अनदेखी और अव्यवस्थाओं ने इसे विवादों और चर्चाओं का केंद्र बना दिया है.
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