स्वामी आत्मानंद स्कूलों में 10 अप्रैल से भर्ती शुरु, डीएलएड एग्जाम अब 16 अप्रैल को होंगे, गणित के शिक्षक हिंदी और विज्ञान शिक्षक के संस्कृत पढ़ा रहे
Recruitment starts in Swami Atmanand schools from April 10, D.El.Ed exam will now be held on April 16, Maths teachers are teaching Hindi and Science teachers are teaching Sanskrit
प्रैक्टिकल एग्जाम रद्द, अब फिर 16 अप्रैल को होगी
धमतरी : धमतरी जिले के नगरी में डीएलएड सेकेंड ईयर के प्रैक्टिकल एग्जाम में खुलेआम नकल का मामला सामने आया था. इस मामले में पंडित सुंदर लाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी ने 23 मार्च को आयोजित की गई प्रायोगिक परीक्षा को रद्द कर दिया है. अब यह परीक्षा 16 अप्रैल को होगी. कलेक्टर की अनुशंसा पर परीक्षा को निरस्त कर नई तारीखों का ऐलान किया गया है.
जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान नगरी के युवा शिक्षक बनने के लिए डीएलएड का कोर्स कर रहे थे. 23 मार्च 2025 को धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में डीएलएड की प्रायोगिक परीक्षा हुई. इसमें 50 परीक्षार्थी शामिल हुए. डीएलएड के द्वितीय वर्ष का प्रायोगिक परीक्षा की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जा रही थी. बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र में प्राचार्य की ड्यूटी भी थी. लेकिन प्राचार्य छुट्टी पर थे. इस दौरान परीक्षा प्रभारी ने पैसे लेकर नकल कराया.
सामूहिक नकल के मामले को कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने गंभीरता से लिया. कलेक्टर ने इस बारे में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी रीता यादव को जांच के निर्देश दिए थे और विवि को पत्र लिखा था.
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गणित का शिक्षक हिंदी और विज्ञान का शिक्षक संस्कृत पढ़ा रहा
रायपुर : स्कूलों के सेटअप में विषय बाध्यता लागू करने का मसौदा काफी लंबा खींचा गया है. इसे लागू करने को लेकर लामबंद हुए शिक्षक छत्तीसगढ विषय बाध्यता मंच का निर्माण कर अपनी बात शासन पर समय-समय पर रखते आए हैं.
लेकिन सरकार का इस विषय पर फैसला मंत्रिमंडल के विस्तार जैसा अटका हुआ है. अब विभाग में पूर्ण कालिक मंत्री की कमी शिक्षक भी महसूस कर रहे हैं. शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदार लोग यह तो समझ गए हैं कि शिक्षक कोई भी विषय पढ़ा सकता है. लेकिन इस बात को समझने का जमीनी प्रयास नहीं किया कि विषय का ज्ञान विषय विशेषज्ञ शिक्षक के पास ज्यादा रहता है.
विषय बाध्यता मंच के शिक्षकों ने इस विषय पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 30 जनवरी 2025 की मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक मे शिक्षा गुणवत्ता को बर्बादी से बचाने सरकारी मिडिल स्कूलों मे विषय बंधन को लागू करने और 11 जुलाई 2023 के राजपत्र विलोपन का फैसला सीएम की तरफ से लिया गया है.
लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी इसका राजपत्र में प्रकाशन नहीं हुआ. अब यह विषय बंधन लागू न हो पाना सरकारी स्कूल पर निर्भर पालकों ,समाजिक संगठनों शिक्षक और विद्यार्थियों मे नाराजगी उत्पन्न कर रहा है.
मंच के सदस्य बताते हैं कि 2023 के पूर्व तक मिडिल स्कूलों मे विषयवार ही पदोन्नति होती आई है एक बार शिक्षक भर्ती गैर विषयवार होने के बाद से गणित वाले संस्कृत और कला वाले गणित, विज्ञान पढ़ा रहे हैं. मिडिल स्कूलों के शिक्षा व्यवस्था का सिस्टम पूरी तरह लड़खड़ा गया है.
हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक इस बात को अच्छी तरह महसूस करते हैं कि छात्रों की नींव कहीं ना कहीं कमजोर बुनियाद में खड़ी की गई है.
विषय बाध्यता मंच के सदस्यों ने बताया कि प्रदेश मे शिक्षा गुणवत्ता के लिए कई योजनाएं और नवाचारी काम हो रहे हैं. लेकिन विषय बंधन समाप्ति वाले काले नियम को आखिर बदलने इतनी देरी क्यों हो रही यह समझ से परे है .. कहीं विभागीय मंत्री की कमी ठोस कारण तो नही है.
ध्यान रहे कि पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी विषय बंधन लागू करने की घोषणा की थी लेकिन उनके मंत्रिमंडल से हटने के बाद आज तक यह फैसला नही हो पाया है ये भी शिक्षा व्यवस्था में चिंता का विषय है..
पूर्व मे सर्व आदिवासी समाज, पैरेंट्स एसोसिएशन और छग विषय बाध्यता मंच ने सरकार से मांग रखी. बार-बार इसके लिए ज्ञापन देखकर ध्यान आकर्षित कराया लेकिन छात्र हित से जुड़ा हुआ यह नियम अभी तक बदला नहीं गया है.
बताते चले कि यह विवादास्पद नियम पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने के दौरान आया। इस नियम के चलते भर्ती और पदोन्नति में मिडिल स्कूलों की विषय बाध्यता खत्म कर दी गई. इस नियम के हिसाब से गणित विषय का विशेषज्ञ शिक्षक हिंदी, सामाजिक विज्ञान पढ़ाने के लिए योग्य माना गया.
वही हिंदी और वाणिज्य का विशेषज्ञ शिक्षक गणित और विज्ञान पढ़ाने के योग्य समझा गया. इस नियम के चलते मिडिल स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बहुत ज्यादा प्रभावित हुई. कई स्कूलों में तो एक ही विषय के विशेषज्ञ अधिकांश शिक्षक है.
इस विषय बंधन समाप्ति से बस्तर सरगुजा संभाग की शिक्षा व्यवस्था में सबसे ज्यादा फर्क देखने को मिल रहा है. क्योंकि पूर्व मे इन दोनों संभाग के लिए विशेष शिक्षक भर्ती का आयोजन किया गया था.
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स्वामी आत्मानंद स्कूलों में 10 अप्रैल से भर्ती शुरु
रायपुर : स्वामी आत्मानंद इंग्लिश और हिंदी मीडियम स्कूलों में एडमिशन की तैयारी एक बार फिर शुरु हो गई है. नया सेशन 2025-26 शुरु होने वाला है और इसी को लेकर 10 अप्रैल यानी आज से आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरु हो रही है. इस बार कुल 751 स्कूलों में एडमिशन होगा. जिसमें 403 इंग्लिश और 348 हिंदी मीडियम स्कूल शामिल है.
राज्य सरकार की इस योजना के तहत चलने वाले स्कूलों में हर साल हजारों पेरेंट्स अपने बच्चों का एडमिशन कराने की कोशिश करते हैं। इस बार भी मुकाबला तगड़ा होने वाला है.
लोक शिक्षण संचालनालय की तरफ से ऑफिशियल शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है. फॉर्म 10 अप्रैल से लेकर 5 मई तक भरे जाएंगे. अगर किसी स्कूल में सीटों से ज्यादा फॉर्म आएंगे. तो मई के दूसरे हफ्ते में लॉटरी होगी और फिर एडमिशन दिया जाएगा.
फॉर्म कैसे भर सकते हैं?
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ऑप्शन हैं
लेकिन रायपुर जिले के लिए सिर्फ ऑनलाइन फॉर्म मान्य होंगे
बाकी जिलों में स्कूल से फॉर्म ले सकते हैं या DEO ऑफिस से जानकारी मिल सकती है।
ध्यान रखें
एक ही स्कूल के लिए फॉर्म भरें. सही डॉक्यूमेंट लगाए. वरना फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है. जिले और स्कूल की वेबसाइट पर जानकारी चेक करते रहें.
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