कच्चे मकान की दीवार ढहने से हुआ दर्दनाक हादसा, नींव खुदाई के दौरान मलबे में दबकर 2 मजदूरों की मौत, दो घायल, उठी जांच की मांग
A tragic accident occurred when the wall of a mud house collapsed, two laborers died and two were injured after being buried under debris while digging the foundation. Demand for an investigation has arisen.
दुर्ग : दुर्ग जिला में धमधा थाना अंतर्गत कच्चे मकानं की दीवार के नीचे दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई. मजदुर मकान की नींव की खुदाई कर रहे थे. इस बीच बाजू से सटे कच्चे मकान की दीवार ढह गई. जिसमें दो मजदुर दब गए. एक युवक की मौके पर मौत हो गई. जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचकर दम तोड़ दिया. वहीं मृतकों के परिजनों ने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है. यह हादसा धमधा थाना क्षेत्र में हुआ है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम हीरेतरा निवासी डॉक्टर गुरुदेव चंदेल ने शुक्रवार सुबह 9 बजे अपने मकान के लिए मजदूरों को नींव खोदने का काम शुरु किया. इसके लिए ग्राम पेन्ड्रावन निवासी कमल नारायण ठाकुर, ईश्वरी गायकवाड, पोषण डांगे और दुर्गेश ठाकुर को मजदूरी करने बुलाया. सुबह करीब 9 चारों युवकों नींव खोदने का शुरु किया. जहां नींव के मिट्टी खोदी जा रही थी. उसके बगल से कच्ची मिट्टी से मकान बना हुआ था. घंटे भर में चारों ने दो से तीन फीट गहरी नींव खोदी. इस बीच कच्चे मकान की दीवार का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गई.
जिसमें कमल नारायण ठाकुर उम्र 25 साल और ईश्वरी गायकवाड़ उम्र 35 साल दब गए. उस दौरान बाकी दो मजदूर थोड़ी दूरी पर काम कर रहे थे. वह दोनों दीवार के नीचे आने से बच गए.
हादसे की जानकारी होने पर डायल 112 पर कॉल कर कर पुलिस सो खबर दी गई. इस बीच ग्रामीणों ने मलबे के नीचे दबे दोनों युवक को बाहर निकला. दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा लाया गया. जहां चिकित्सकों ने कमल नारायण को मृत घोषित कर दिया.
यह घटना आसपास के ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन के लिए पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी बन गई है. जिसे लेकर क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं. हादसे के बाद ग्रामीणों में नाराजगी भी देखी गई. उनका कहना है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम बात बन चुकी है. घटना को लेकर ईश्वरी गायकवाड के परिजनों का कहना है कि जिस डॉक्टर के घर काम चल रहा था, उसने हाल-चाल तक नहीं जाना. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं.
विशेषज्ञ मानते हैं कि कच्चे मकानों या पुरानी संरचनाओं के पास खुदाई करते समय विशेष सावधानियों की जरुरत होती है. ताकि इस प्रकार के हादसों को टाला जा सके. फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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