वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बोले- प्राचीन परंपरा संस्कृति को संजोए रखना हम सबकी जिम्मेदारी
Revenue Minister Tankram Verma participated in the annual conference said it is the responsibility of all of us to preserve the ancient tradition and culture
मगरलोड : संगम साहित्य एवं सांस्कृतिक समिति मगरलोड की 28 वे स्थापना दिवस पर 17 अक्टूबर गुरुवार को वार्षिक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह संगम सदन रामलीला मैदान में आयोजित किया गया.
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टंकराम वर्मा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, खेलकूद युवा कल्याण विभाग मंत्री रहे. अध्यक्षता पुनू राम साहू राज ने की. विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक श्रवण मरकाम, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस, जिला उपाध्यक्ष नरेश सिन्हा, मंडल अध्यक्ष विजय यदु, मंडल प्रभारी राजेन्द्र गोलछा, नगर पंचायत अध्यक्ष नीतू साहू, पार्षद दुर्गा साहू, नरेश अग्रवाल, बीएमओ डॉक्टर शारदा ठाकुर और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्राचीन परंपरा संस्कार एवं संस्कृति को संजोए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. जो आने वाली पीढ़ी के लिए काम आएगा. संस्कार पुराना नहीं होना चाहिए. हमारे पूर्वजों ने जो संस्कार दिए है उसे संभाल कर रखना सबका दायित्व है. छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं धरोहर हमारी पहचान है. वर्मा ने कहा संगम साहित्य परिवार ने हमारी पुरानी संस्कृति परंपरा को संजोए कर रखी है.जिसे हर कोई इसका अनुसरण करेगा.
संगम परिवार की स्थापना पर वार्षिक पत्रिका का विमोचन किया गया. छोटे-छोटे बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी. संगम साहित्य परिवार ने संगम के दिवंगत साहित्यकारों के छायाचित्र का अनावरण किया गया.
संगम साहित्य एवं सांस्कृतिक समिति द्वारा साहित्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान देने के लिए संगम गजानन साहित्य सेवा सम्मान से बलदाऊ राम साहू दुर्गा को सम्मानित किया गया. इसी तरह संगम तुलसी मानस सम्मान से नंदकुमार साहू रामायणी खैरझिटी महासमुंद को सम्मानित किया. संगम प्रेम ललिता समाज सेवा सम्मान से जो सृजन समिति मगरलोड को सम्मानित किया गया. संगम मकरंद शिक्षक सम्मान से चैतू राम दीवान शिक्षक शुक्लाभाठा को एवं संगम सिरोतन सृजन सम्मान से भोलाराम सिन्हा गुरूजी डाभा को सम्मानित किया है.
क्षेत्र की पत्रकारों को संगम पत्रकारिता सम्मान से कैलाश टांडे, पवन निषाद, सुरेश साहू, नीलम साहू, ज्ञानदेव साहू, गवेंद्र साहू, छत्रपाल साहू, राजू साहू, किशन विश्वकर्मा, धनेश्वर बंटी सिन्हा का मोमेंटो, श्रीफल से सम्मान किया गया.
इस कार्यक्रम को कामयाब बनाने में संगम साहित्य समिति अध्यक्ष वीरेंद्र सरल, उपाध्यक्ष चिंता राम सिन्हा, पलटन राम साहू, सचिव आत्माराम साहू, संरक्षक जे आर साहू, पुनू राम साहू, कोषाध्यक्ष लालेश्वर सिन्हा, सह सचिव कामता प्रसाद साहू, मीडिया प्रभारी भोलाराम सिन्हा, कार्यालय प्रभारी संतु राम साहू, चंद्रहास बघेल, सलाहकार अशोक साहू,लीलू दास मानिकपुरी, अशोक कुमार ध्रुव, सदस्य देवनारायण निषाद, तामेश्वर ठाकुर, भोपाल मनी साहू, अनीता गौर, सुश्री उषा किरण निर्मलकर, भागवत राम खरे, भोलाराम कुर्रे, लिखेश्वर साहू, पुरुषोत्तम मारकंडे का योगदान रहा.
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