स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का युवाओं को तोहफा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की शुरुआत, पहली नौकरी पर मिलेगा ₹15,000 प्रोत्साहन
PM Modi's gift to the youth on Independence Day, Prime Minister Vikasit Bharat Rojgar Yojana launched, ₹15,000 incentive will be given on the first job
नई दिल्ली : 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” की शुरुआत की. जिसके तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 का प्रोत्साहन मिलेगा।
पीएम ने कहा कि यह योजना एक लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरु की जा रही है और अगले दो साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है. इस योजना का विशेष फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है.
योजना की मुख्य बातें
लाभार्थी: निजी क्षेत्र में पहली बार नौकरी पाने वाले युवा (लड़के और लड़कियां)
राशि: ₹15,000 प्रोत्साहन, सीधे बैंक खाते में.
शर्तें:
नौकरी मिलने के बाद कम से कम 6 महीने उसी कंपनी में कार्यरत रहना होगा.
कंपनी का EPFO में रजिस्टर्ड होना जरूरी है.
प्रक्रिया:
किसी भी तरह का आवेदन नहीं करना होगा।
जैसे ही युवा का PF अकाउंट खुलेगा और 6 महीने पूरे होंगे, राशि स्वतः खाते में जमा होगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज 15 अगस्त के दिन मेरे देश के युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपये की योजना शुरू कर रहा हूं. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और देश के नौजवानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी.
प्रधानमंत्री ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के बस्तर का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि एक समय था जब बस्तर का नाम सुनते ही नक्सलवाद और हिंसा की याद आती थी. लेकिन आज यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्व के साथ कहा कि आज बस्तर के नौजवान बंदूक पकड़ने की जगह खेलों के मैदान में उतर रहे हैं. बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और उत्साह का जीवंत प्रतीक बन चुके हैं. उन्होंने इस ऐतिहासिक बदलाव को सुरक्षा, विकास और जनसहभागिता के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कभी देश के अनेक हिस्सों को नक्सलवाद की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता था. हिंसा और भय के माहौल ने दशकों तक विकास की गति को जकड़ रखा था. जिससे प्रगति के रास्ते थम से गए थे.
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