अब जनता चुनेगी महापौर और अध्यक्ष, चुनाव में ओबीसी को 50% आरक्षण, पर्यटन को उद्योग का दर्जा, मिलेगा उच्च क्वालिटी का चना
Now the public will elect mayor and president 50 reservation for OBCs in elections industry status for tourism high quality gram will be available
CGPSC टॉपर्स से मिले मुख्यमंत्री, प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोक सेवा आयोग की सिविल परीक्षा 2023 की प्रावीण्य सूची में आए सफल अभ्यर्थियों से मुलाक़ात की. और प्रशस्ति पत्र भेंट किया.
कहा कि आप लोगों ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा की कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान अर्जित किया है. निश्चित रुप से आप लोग युवा पीढ़ी के लिए आदर्श बन चुके हैं. अपनी मेहनत, संकल्प और समर्पण से यह कामयाबी हासिल की है. आपकी यह कामयाबी आपके परिवार, आपके शिक्षकों की भी कामयाबी है. जो युवा साथी भविष्य में ऐसी ही कामयाबी हासिल करना चाहते हैं, वे अब आपकी ओर देखेंगे। वे जानना चाहेंगे कि आपने इस कामयाबी के लिए किस तरह तैयारियां कीं. कितनी मेहनत की. मुझे खुशी है कि आप जैसी युवा प्रतिभाएं अब प्रशासन में महत्वपूर्ण दायित्व संभालेंगी. मुझ आपसे यही कहना है कि जितनी पारदर्शिता के साथ आपका चयन हुआ है. आप उतनी ही पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करें और प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के हमारे लक्ष्य को हासिल करने में भागीदार बने.
इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने सिविल सेवा परीक्षा के सभी टॉपर्स रविशंकर वर्मा, श्रीमती मृणमयी शुक्ला, आस्था शर्मा, किरण सिंह राजपूत, नंदिनी साहू, सोनल यादव, दिव्यांश चौहान, शशांक कुमार, पुनीत वर्मा, उत्तम कुमार को स्वामी विवेकानंद, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर आधारित पुस्तकें और प्रशस्ति पत्र भेंट किया.
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कैबिनेट की बैठक में लिए गए ये फैसले
निकाय चुनाव में महापौर और अध्यक्षों का चुनाव होगा प्रत्यक्ष
कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए बैठक में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश, 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 (प्रत्यक्ष निर्वाचन एवं आरक्षण संबंधित प्रावधान) की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने के संबंध में अध्यादेश 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. उल्लेखनीय है कि अविभाजित मध्य प्रदेश राज्य में 1999 के पूर्व नगर पालिक निगमों में महापौर तथा नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से होता था। तत्कालीन सरकार द्वारा नगरीय निकायों के महापौर तथा नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन को अप्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया था, जिसकी अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में 12 दिसम्बर 2019 को किया गया था.
नगरीय निकाय चुनाव में ओबीसी को 50 प्रतिशत आरक्षण
छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक विभाग द्वारा मंत्रालय द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की संख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण के प्रावधान की स्वीकृति पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रतिवेदन में प्राप्त अनुशंसा के अनुसार दी गई है. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन करने के लिए विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया.
हितग्राहियों को मिलेगा उच्च क्वालिटी का चना
मंत्रिपरिषद द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिए नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन, छमडस् ई-आक्शन प्लेटफाॅर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई. उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राज्य के सभी अनुसूचित विकासखण्डों एवं माॅडा पैकेट क्षेत्र में निवासरत अंत्योदय तथा प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को प्रतिमाह 5 रूपए किलो की दर से 2 किलो चना प्रदाय किया जाता है. वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चना वितरण योजना के तहत 30 लाख 22 हजार परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है. राज्य को चना वितरण के लिए प्रति माह 6046 टन तथा प्रति वर्ष 72 हजार 52 टन चना की जरूरत होती है. चना का उपार्जन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किया जाता रहा है. छत्तीसगढ़ सरकार की चना वितरण योजना के माध्यम से हितग्राहियों को उच्च क्वालिटी का चना प्रदाय किया जा सके, इसके लिए मंत्रिपरिषद ने नागरिक आपूर्ति निगम को ई-आक्शन प्लेटफाॅर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई.
पर्यटन को उद्योग का दर्जा
मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा तथा योजनाबद्ध विकास के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत पर्यटन, मनोरंजन एवं अन्य सामाजिक सेवा सेक्टर में शामिल के अलावा भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020 में पर्यटन परियोजनाओं के लिए निर्धारित न्यूनतम स्थायी पूंजी निवेश किए जाने पर सामान्य उद्योगों की भांति अनुदान/छूट/रियायत का प्रावधान किया गया है. पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से प्रदेश में साहसिक, जल पर्यटन, मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म, पर्यटन की इकाईयों, लैंड बैंक में निजी निवेश को आकर्षित एवं प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी. इससे स्टेक होल्डर प्रोत्साहित होंगे. पर्यटन संबंधी अधोसंरचना का विकास होगा. पर्यटन से संबंधित पूंजी निवेश बढ़ेगा. राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के अनुकूल सुख-सुविधाओं का विकास होगा. राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे.
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गौशालाओं को प्रति मवेशी दी जाने वाली अनुदान राशि बढ़ी
रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने गौशालाओं को प्रति मवेशी दी जाने वाली अनुदान की राशि 25 रुपए से बढ़ा कर 35 रुपए करने की घोषणा की.मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित किया.
मुख्यमंत्री ने नई जिम्मेदारी मिलने पर छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष विशेषर पटेल को बधाई और शुभकामनाएं दीं और उनका अभिनंदन किया. मुख्यमंत्री ने लगाए गए गौ-उत्पादों के स्टालों का अवलोकन किया.समारोह में उपमुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ अभ्यारण्य को गौ-धाम कहना उचित होगा. राज्य सरकार द्वारा जगह जगह गौ -धाम बनाने का फैसला किया है. बेमेतरा जिले के झालम में 50 एकड़ में गौ-धाम बनकर तैयार है, जल्द ही इसका उदघाटन किया जाएगा. इसी तरह कवर्धा जिले में 120 एकड़ में गौ-धाम बनाने का काम तेजी से चल रहा है.
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