फसल बीमा के नाम पर महाठगी, केले के खेत को बताया चना, डकार गए 23 लाख; ऐसे हुआ पर्दाफाश, पुलिस ने दो आरोपियों को भेजा सलाखों के पीछे

Massive fraud in the name of crop insurance: Banana fields were declared as chickpea fields, and Rs 23 lakh was embezzled; this is how the scam was exposed, and the police sent two accused behind bars.

फसल बीमा के नाम पर महाठगी, केले के खेत को बताया चना, डकार गए 23 लाख; ऐसे हुआ पर्दाफाश, पुलिस ने दो आरोपियों को भेजा सलाखों के पीछे

राजनांदगांव/छुरिया : सरकारी योजनाओं में सेंधमारी करने वाले ठग किस हद तक जा सकते हैं. इसका ताजा मामला छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में सामने आया है. यहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है. शातिर दिमाग ठगों ने दूसरों की जमीन दिखाकर और फसल का गलत विवरण देकर सरकार को 23 लाख रुपये से ज्यादा का चूना लगा दिया. हालांकि छुरिया पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस खेल का पर्दाफाश कर दिया है और दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक छुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम आमगांव से पुलिस को जानकारी मिली कि रैलिस बायो एनर्जी प्रा. लिमिटेड के नाम पर दर्ज करीब 50 हेक्टेयर जमीन पर पिछले एक साल से केले की फसल लहलहा रही थी. लेकिन ठगों ने कागजों में हेराफेरी कर इस जमीन पर वर्ष 2024-25 के लिए ‘चना’ फसल का बीमा करवा लिया. हैरानी की बात यह है कि बिना किसी फसल कटाई या पंचनामा के बीमा क्लेम पास भी हो गया और पैसे खातों में आ गए.
जांच में पता चला कि इस फर्जीवाड़े में सिस्टम के भीतर के लोग ही शामिल थे. भारतीय कृषि बीमा कंपनी के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अमित वर्मा और सीएससी (CSC) संचालक परमेश्वर साहू ने मिलकर यह साजिश रची थी.
दोनों ने मिलीभगत कर पोर्टल पर कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज अपलोड किए. इसके बाद कुल 23 लाख 28 हजार 944 रुपये की बीमा राशि परमेश्वर साहू, उसकी पत्नी और एक अन्य महिला के बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली गई.
इस घोटाले की भनक तब लगी जब पूर्व विधायक छन्नी साहू ने इसकी शिकायत की. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने फौरन एक जांच दल गठित किया. जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने फौरन मामला दर्ज किया.
छुरिया पुलिस ने 13 दिसंबर को दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. जिसके बाद 14 दिसंबर को उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और अगर इस गिरोह में कोई और भी शामिल पाया गया. तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.
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