नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, फिर 1 लाख की सुपारी देकर कराई महिला की हत्या, महिला और एक नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
A woman was allegedly duped in the name of a job and then murdered after being offered a contract of Rs 1 lakh. Six accused, including a woman and a minor, were arrested, while one was absconding.
दुर्ग : दुर्ग पुलिस ने नगपुरा के टेमरी गांव में हुए महिला के सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी महज पांच दिनों में सुलझा ली है. यह मामला नौकरी दिलाने के नाम पर हुए विवाद के बाद सुपारी किलिंग का निकला है. हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए महिला के चेहरे को पत्थर से बेरहमी से कुचल दिया था. पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल एक महिला और एक नाबालिग समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है. यह मामला नगपुरा चौकी क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक 20 सितंबर को टेमरी गांव में एक अज्ञात महिला का शव मिला था. वरिष्ठ अधिकारियों और एफएसएल टीम की जांच के बाद शव की पहचान पोटिया चौक, दुर्ग निवासी गंगोत्री उर्फ गंगा जांगड़े उम्र 40 साल के रुप में हुई. जांच में पता चला कि गंगोत्री 19 सितंबर की रात को खाना खाने जाने की बात कहकर घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी.
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि मृतिका गंगोत्री दो व्यक्तियों के संपर्क में थी. जिन्हें वह नौकरी लगवाने के नाम पर पिछले 7-8 महीनों से पैसे दे रही थी. जब नौकरी नहीं लगी तो गंगोत्री ने मुख्य आरोपी पर पैसे वापस करने का दबाव बनाया. उसने धमकी दी कि अगर 20 सितंबर तक साक्षात्कार नहीं हुआ तो वह पुलिस में शिकायत कर देगी.
इसी धमकी से डरकर मुख्य आरोपी ने अपने साथी निर्भय जांगड़े को गंगोत्री की हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी दी. यह रकम निर्भय के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई. इस साजिश में हेमलता बंजारे भी शामिल हुई और तीनों ने वीडियो कॉल पर हत्या की पूरी योजना बनाई.
योजना के तहत 19 सितंबर की रात मुख्य आरोपी ने गंगोत्री को ढाबे पर खाना खाने के बहाने बुलाया. निर्भय और एक अन्य आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर टेमरी के सुनसान इलाके में ले गए. वहां उन्होंने बेल्ट और मृतिका की चुनरी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद पहचान मिटाने के लिए पत्थर से उसका सिर और चेहरा कुचल दिया.
हत्या के बाद आरोपियों ने मृतिका के गहने और मोबाइल फोन लूट लिया. लेकिन बाद में गहनों को नकली समझकर फेंक दिया. उन्होंने हत्या में इस्तेमाल बाइक और मृतिका के मोबाइल को अपने दोस्तों मनीष बंजारे, जयदीप साहू, पवन सिंह और एक नाबालिग को देकर छिपा दिया.
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर आरोपी निर्भय जांगड़े उम्र 19 साल, जयदीप साहू उम्र 19 साल, मनीष बंजारे उम्र 19 साल, पवन कुमार सिंह उम्र 18 साल, साजिशकर्ता हेमलता बंजारे उम्र 38 साल और एक नाबालिग बालक को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश, लूट और सबूत छिपाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है. फरार मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t
निर्भय जांगड़े (19 साल, जालबांधा खैरागढ़)
जयदीप साहू (19 साल, कातुलबोर्ड दुर्ग)
मनीष बंजारे (19 साल, आशा नगर दुर्ग)
पवन कुमार सिंह (18 साल, कातुलबोर्ड भिलाई)
हेमलता बंजारे (38 साल, कातुलबोर्ड भिलाई)
विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग)



