बच्चा चोर की अफवाह में बुजुर्ग महिला को पूर्व कांस्टेबल ने धमकाया, वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल, लोगों में असुरक्षा की भावना
A former constable threatens an elderly woman over child-lifting rumors; the video goes viral on social media, creating a sense of insecurity among residents.
रायपुर : राजधानी रायपुर के गोपाल चौक और चौरसिया कॉलोनी में एक गंभीर मामला सामने आया है. जिसमें एक मानसिक रूप से पीड़ित बुजुर्ग महिला को बच्चा चोर के आरोप में परेशान किया गया. यह मामला तब उजागर हुआ जब स्थानीय निवासी योगेश नामक व्यक्ति महिला पर लगातार दबाव बना रहा था और उसे बच्चा चोर साबित करने की धमकी दे रहा था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. जिसमें आरोपी महिला को मानसिक रुप से भयभीत करता दिखाई दे रहा है.
सूत्रों के मुताबिक वहां खड़ी महिला पत्रकार के साथ भी दुर्व्यहार भी किया. वही इस मामलें में टिकरापारा थाना प्रभारी विनय बघेल ने बताया कि महिला कोई बच्चा चोर नहीं है. आसपास के लोगों ने इस तरह की अफवाह फैलाकर लोगों को भ्रम फैला दिया था.
जांच के दौरान पेट्रोलिंग टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया. जांच में यह पाया गया कि महिला मानसिक रुप से अस्वस्थ है और उसके खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक तथ्य नहीं है. अधिकारियों ने यह भी बताया कि महिला पर लगाए गए आरोप निराधार थे. जांच में सामने आया कि आरोपी योगेश, पहले राजनांदगांव जिले में कांस्टेबल पद पर तैनात था. लेकिन कथित घूसखोरी के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया था. रायपुर आने के बाद आरोपी समय-समय पर अपने नाम बदलता रहा. कभी योगेश और कभी कमलेश कहकर मोहल्लेवासियों पर दबाव बनाता रहा.
स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी ने काठाडीह शराब भट्टी क्षेत्र में खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों से अवैध वसूली भी करने का प्रयास किया. इतना ही नहीं, वह अपने आपको अनिल टुटेजा से बड़े अच्छे संबंध होने का दावा कर आसपास के लोगों पर धमकियां देता रहा है. इस कारण मोहल्लेवासी मानसिक रुप से परेशान और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए टिकरापारा थाना पुलिस ने जांच शुरु कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह के किसी भी धमकी और अवैध वसूली के प्रयास को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी.
मोहल्लेवासियों ने पुलिस और प्रशासन से अपील किया कि मानसिक रुप से अस्वस्थ लोगों को झूठे आरोपों और धमकियों से बचाने के लिए विशेष निगरानी रखी जाए. पुलिस ने इस मामले में कई बार इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की योजना बनाई है. घटना ने स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है.
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी और बुजुर्ग महिला को मानसिक सहारा और सुरक्षा प्रदान की जाएगी. यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि झूठे आरोप, अफवाह और धमकियों से सामाजिक माहौल प्रभावित होता है. प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए घटना की गहन जांच शुरु कर दी है और आरोपी को पकड़कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
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