वन घोटाला का बड़ा खेल, DFO दुलेश्वर साहू पर रेंजर को बचाने की साजिश, RTI दबाने का आरोप, अब हाईकोर्ट में इंसाफ की गुहार
A major forest scam, DFO Duleshwar Sahu accused of conspiring to save the ranger, suppressing RTI, and now seeking justice in the High Court.
सूरजपुर/प्रतापपुर : सूरजपुर के प्रतापपुर वन परीक्षेत्र में हुए कथित लाखों रुपये के घोटाले को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. मिली जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई थी. लेकिन तय समय-सीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई. इसके बाद प्रथम अपील दायर की गई. जिसकी सुनवाई किए बिना ही अपील को खारिज कर दिया गया.
आरोप है कि डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) दुलेश्वर साहू ने घोटाले में घिरे रेंजर प्रतापपुर (मिश्रा) को बचाने के मकसद से प्रथम अपील को मनमाने आधार पर खारिज किया. अपील खारिज करने की वजह यह बताई गई कि आवेदन में राशन कार्ड संलग्न किया गया है. जबकि अपीलार्थी का दावा है कि उसने प्रमाण पत्र संलग्न किया था, न कि राशन कार्ड.
सूत्रों के मुताबिक घोटाले को दबाने के लिए DFO साहू और रेंजर प्रतापपुर द्वारा कूटरचित षड्यंत्र रचते हुए एक नया प्रशासनिक “कारनामा” किया गया. ताकि मामले की परतें न खुलें और जिम्मेदारों पर कार्रवाई से बचा जा सके.
इस मामले में यह भी सामने आया कि राज्य सूचना आयोग में आरटीआई अपीलों की लंबी कतार के चलते समय पर सुनवाई और फैसला नहीं हो पा रहा. जिससे इंसाफ की राह और कठिन हो गई है. ऐसे में अब हाईकोर्ट का रुख करने का फैसला लिया गया है. ताकि सूचना अधिकार का हनन, कथित अनियमितताओं और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच हो सके.
अब सवाल यह है कि
क्या सूचना मांगने वाले को जानबूझकर गुमराह किया गया?
क्या प्रथम अपील को बिना सुनवाई खारिज करना नियमों का उल्लंघन है?
और क्या प्रतापपुर वन परीक्षेत्र के कथित घोटाले में जिम्मेदारों पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी?
मामला हाईकोर्ट पहुंचने की तैयारी में है. जहां DFO और रेंजर की भूमिका पर सवाल उठना लाजमी है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



