कॉलेज जाने घर से निकली 20 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मोबाइल जब्त, जांच में जुटी पुलिस
A 20-year-old student who left home for college committed suicide by hanging herself. Family members are inconsolable, mobile phone seized, and police investigating.
कोरबा : कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के घुड़देवा इलाके में बीए फर्स्ट ईयर की 20 साल की छात्रा आरती टंडन ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. घटना की खबर मिलने पर बांकीमोंगरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर आगे की कार्रवाई शुरु की.
मिली जानकारी के मुताबिक मृतिका आरती टंडन जांजगीर-चांपा जिले के गुमिया गांव की मूल निवासी थी. वह कोरबा में कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी. उसके पिता का नाम अजीत टंडन है. बुधवार को आरती कॉलेज जाने के लिए घर से निकली. लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी. परिजनों ने उसकी तलाश शुरु की.
तलाश के दौरान परिवार ने देखा कि घर में रखी घुड़देवा स्थित पुराने क्वार्टर (B-2/27) की चाबी गायब थी. शक होने पर परिजन मृतिका के नाना अमृत टंडन के पुराने क्वार्टर पहुंचे. जो अंदर से बंद था. मृतिका के भाई ने दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और देखा कि आरती का शव पंखे से लटका हुआ था. आरती बचपन से ही अपने नाना के साथ इसी क्वार्टर में रहकर पढ़ाई करती थी. कुछ समय पहले उनके नाना SECL से रिटायर होने के बाद गांव चले गए थे. और यह क्वार्टर बंद हो गया था.
पुलिस ने शव को स्थानीय SECL अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया. गुरुवार को शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया. मृतिका के पिता अजीत टंडन ने बताया कि आरती की मां ने उसे किसी बात को लेकर समझाने के मकसद से फटकार लगाई थी. इसके बाद आरती कॉलेज जाने के नाम पर घर से निकली थी. परिजनों को इस आत्मघाती कदम का कोई अंदेशा नहीं था. बांकीमोंगरा पुलिस ने मौके से युवती का मोबाइल भी जब्त कर लिया है. अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच जारी है और मोबाइल और दुसरे सबूतों के आधार पर ही खुदकुशी की वजह का पता चल सकेगा.
पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में कोई आपराधिक गतिविधि का इशारा नहीं मिला है. लेकिन जांच पूरी होने तक सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा. घटना ने क्षेत्र में शोक और चिंता की लहर दौड़ा दी है. इस घटना के बाद सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने जोर दिया है.
उन्होंने कहा कि परिवार और मित्रों को मानसिक दबाव के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए और समय रहते मदद करनी चाहिए. आरती टंडन की मौत ने कोरबा जिले में छात्रों और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के प्रति जागरुकता की जरुरत को फिर से उजागर कर दिया है.
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