छग में 32 लाख राशन कार्ड रद्द, नवंबर से नहीं मिलेगा मुफ्त राशन, महतारी वंदन योजना से 5 लाख महिलाओं के नाम कटने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
3.2 million ration cards cancelled in Chhattisgarh, no free ration available from November; Congress raises questions over the deletion of 500,000 women from the Mahatari Vandan Yojana.
महतारी वंदन योजना से 5 लाख महिलाओं के नाम कटने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना शुरु की थी. पिछले साल शुरु हुई यह योजना नारी सशक्तिकरण के लिए लागू हुई. पिछले कुछ सालों में करीब 5 लाख महिलाओं को लाभार्थियों की लिस्ट से निकाल दिया गया है.
2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी सरकार ने 21 साल से ज्यादा सभी महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की घोषणा की थी. इस साल अक्टूबर में इसका लाभ सिर्फ 64.94 महिलाओं को ही मिला. इस लिस्ट में करीब 5 लाख महिलाओं के नाम नहीं थे.
महतारी वंदन योजना में लाभार्थियों की संख्या में आई कमी के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि “पीएम मोदी ने स्कीम लॉन्च की तो पहली किश्त में 70 लाख महिलाओं को पैसे मिले थे. मगर 20वीं किश्त में 5 लाख महिलाओं के नाम हटा दिए गए. यह छत्तीसगढ़ की महिलाओं के साथ धोखा है.”
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि जिन महिलाओं के नाम लिस्ट से निकाले गए हैं. वो लिस्ट सार्वजनिक की जाए. कांग्रेस का आरोप है कि कई जरुरतमंद महिलाओं के नाम लिस्ट में शामिल नहीं है.
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छत्तीसगढ़ में 32 लाख राशन कार्ड रद्द: नवंबर से नहीं मिलेगा मुफ्त राशन
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के करीब 32 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं. खाद्य विभाग के सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने बताया कि इन लाभार्थियों ने पिछले एक साल से राशन नहीं लिया और न ही अपनी E-KYC प्रक्रिया पूरी की है. विभाग का कहना है कि जिन्होंने E-KYC नहीं कराई है. उन्हें नवंबर 2025 से मुफ्त राशन का लाभ नहीं मिलेगा.
राज्य में फिलहाल करीब 95 लाख राशन कार्डधारी परिवार हैं. जिनमें कुल 2 करोड़ 73 लाख हितग्राही शामिल हैं. इनमें से जिन 32 लाख कार्डधारकों के कार्ड सस्पेंड किए गए हैं. उनके लिए सरकार ने साफ किया है कि E-KYC पूरी होने पर राशन कार्ड दोबारा सक्रिय किए जाएंगे.
विभाग का मानना है कि जो लोग एक साल से राशन नहीं ले रहे. वे या तो कहीं और शिफ्ट हो चुके हैं या फिर फर्जी कार्ड के जरिए योजना का लाभ उठा रहे थे. सरकार ने तय किया है कि 31 अक्टूबर तक KYC नहीं कराने वालों को नवंबर से राशन नहीं मिलेगा.
छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड E-KYC करवाना अनिवार्य हो गया है. जिन परिवारों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है. उन्हें 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया है. इसके बाद नवंबर से उन्हें राशन वितरण से बाहर कर दिया जाएगा. सरकार का दावा है कि यह फर्जीवाड़ा रोकने का कदम है. जबकि कांग्रेस इसे गरीबों के खिलाफ साजिश बता रही है.
कैसे कराएं राशन कार्ड की E-KYC?
राशन कार्डधारक अपने नजदीकी राशन दुकान या उचित मूल्य की दुकान पर जाएं.
सभी सदस्यों के आधार कार्ड साथ ले जाएं.
दुकान में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा.
मिलान होते ही E-KYC पूरी मानी जाएगी और कार्ड वैध हो जाएगा.
कांग्रेस ने लगाया आरोप- ‘सरकार चला रही राशन छीनाे अभियान’
इस फैसले पर कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह फैसला गरीबों के खिलाफ साजिश है. उन्होंने कहा- “जब नई सरकार आई थी. तब मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री के फोटो राशन कार्ड पर लगाए गए थे. उस समय ही सभी से आधार कार्ड लिए गए थे. यानी KYC पहले ही हो चुकी थी. अब दोबारा KYC के नाम पर जनता से राशन छीना जा रहा है.” कांग्रेस ने यह भी कहा कि सरकार को पहले राशन दुकान संचालकों और विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए. न कि सीधे गरीबों का राशन बंद करना चाहिए.
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