बहू ने ब्वायफ्रेंड संगीत शिक्षक के साथ मिलकर ससुर को करंट लगाकर उतारा मौत के घाट, मिले चोट के निशान, 24 घंटे में गीता और लेखराम गिरफ्तार
Daughter-in-law along with her boyfriend music teacher killed her father-in-law by electrocution, injury marks were found, Geeta and Lekh Ram arrested within 24 hours
बालोद : बालोद जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां एक महिला ने अपने ससुर की हत्या कर दी. कत्ल को अंजाम देने में उसकी मदद उसके ब्वायफ्रेंड ने किया जो पेशे से संगीत शिक्षक बताया जा रहा है.
मिली जानकारी के मुताबिक डौण्डीलोहारा पुलिस को 17 जुलाई 2025 को ग्राम खड़ेनाडीह में मनोहर निर्मलकर नामक व्यक्ति की संदिग्ध हालत में मौत की खबर मिली.खबर देने वाले ने बताया कि परिवार उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीओपी बालोद देवांश राठौर और थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह अपनी टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पहुंचे.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब शव का निरीक्षण किया तो मामला संदिग्ध लगा. मृतक मनोहर निर्मलकर के चेहरे के दोनों गालों पर और गले में खरोंच के कई निशान थे. साथ ही, बाएं गाल और गले के पास जलने जैसे निशान भी पाए गए. जिससे पुलिस का शक हत्या की तरफ गहरा गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्यवाही की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोर्ट में डॉक्टर ने मौत की वजह बिजली का करंट लगना बताया और इसे हत्यात्मक प्रकृति का करार दिया. जिसके बाद पुलिस की जांच ने गति पकड़ ली.
पुलिस ने जब मृतक की बहू श्रीमती गीता निर्मलकर से कड़ाई से पूछताछ की. तो उसने पूरी साजिश का राज उगल दिया. गीता ने बताया कि उसका ससुर मनोहर निर्मलकर अक्सर शराब पीकर घर आता था और नशे में उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था. इतना ही नहीं. वह उस पर बुरी नीयत भी रखता था. ससुर की इन हरकतों से तंग आकर उसने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया.
इसके लिए उसने ग्राम बड़गांव निवासी लेखराम निषाद, जो उसे वाद्ययंत्र सिखाता था. उससे मदद मांगी. लेखराम ने एक स्कीम बनाई और 16 जुलाई की रात को बिजली के तार, प्लग और प्लास्टिक के ग्लव्स लेकर गीता के घर पहुंचा.
रात करीब 11 से 12 बजे के बीच, जब मनोहर निर्मलकर घर की परछी में सो रहा था. तब दोनों ने अपनी प्लान को अंजाम दिया. गीता एक लोहे का सब्बल पकड़कर खड़ी रही. जबकि लेखराम निषाद ने बिजली के तार को बोर्ड में लगाकर मृतक के गले, चेहरे और माथे पर छुआकर करंट लगा दिया. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद, लेखराम ने गीता को सबूत मिटाने के लिए मृतक के चेहरे पर हल्दी, तेल और गुलाल लगाने को कहा ताकि जलने के निशान छिप जाएं. उसने यह भी निर्देश दिया कि परिवार वालों को बताया जाए कि मनोहर की मौत साइकिल से गिरकर चोट लगने से हुई है. इसके बाद वह अपने गांव बड़गांव भाग गया.
पुलिस ने दोनों आरोपियों, गीता निर्मलकर और लेखराम निषाद को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए. गीता के घर से हत्या में इस्तेमाल लोहे का सब्बल और गमछा जब्त किया गया. जबकि लेखराम के घर से प्लास्टिक के ग्लब्स, बिजली का तार, प्लग, साइकिल और मोबाइल फोन बरामद किया गया. दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना डौण्डीलोहारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों को 18 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
आरोपियों के नाम:
श्रीमती गीता निर्मलकर पति गौकरण निर्मलकर उम्र 30 साल निवासी- ग्राम खड़ेनाडीह
लेखराम निषाद पिता स्व फकीर राम निषाद उम्र 45 साल निवासी- ग्राम बड़गांव
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