नगर पंचायत में अध्यक्ष एवं पार्षद निधि घोटाला, दस गुना ज्यादा दर पर चहेती फर्म से खरीदी, कोटशन दिनांक को ही क्रय आदेश, दो दिन में ही भुगतान
Chairman and councillor fund scam in Nagar Panchayat purchase from favorite firm at ten times higher rate purchase order on quotation date itself payment in two days
लैलूंगा : लैलूंगा नगर पंचायत लैलूंगा में घोटाले का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है. अध्यक्ष एवं पार्षद निधि से दस गुना ज्यादा दर पर खरीदी की गई. करीब 18 दिनो की ही पदस्थापना में नगर पंचायत सीएमओ सी पी श्रीवास्तव ने तीन पार्टियों से गुपचुप टेंडर बुलाए. दो लाख 30 हजार का सामान 14 लाख 69 हजार में खरीदा.
विभागों में होने वाली खरीदी में घोटाला ना हो. इसलिए राज्य में भाजपा ने सरकार बनते ही जैम पोर्टल से खरीदी पर जोर दिया. लेकिन नगर पंचायत लैलूंगा में सीएमओ और इंजीनियर की अपनी मनमानी चल रही है. अध्यक्ष और पार्षद निधि से उद्यान में बच्चों के मनोरंजन के नाम पर 7 से 10 गुना ज्यादा की कीमत पर खरीदी कर लाखों रुपए का घोटाला किया गया है. खरीदी की टाइमलाइन देखें तो धांधली साफ तौर पर नजर आती है.
महज 18 दिनों के भीतर खरीदी और भुगतान किया जाना ही मनमानी की पुष्टि करता है. नगर पंचायत लैलूंगा शुरु से ही काम से ज्यादा खरीदी में घोटाला, धांधली के लिए सुर्खियों में रहा है. यंहा लंबे समय से पदस्थ रहे संविदाकर्मी से प्रभारी सीएमओ बने चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव ने शासकीय राशि गबन,फर्जीवाड़ा, धांधली, भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितता किया है. अबकी बार तीसरी पदस्थापना के महज 18 दिन में ही एक करोड़ तीस लाख का चेक काटने से गबन और भ्रष्टाचार के कई मामले सुर्खियों में है.
इंद्रप्रस्थ स्टेडियम के पीछे लगे झूले और दूसरे सामानों के टेंडर के विज्ञापन की जानकारी किसी को नहीं है. लेकिन अचानक 23 अगस्त को नगर पंचायत में सीमित निविदा सूचना बिना किसी बैठक प्रस्ताव के जारी कर दी गयी. डबल स्प्रिंग हॉर्स, सी-सॉ, लूप रिम, थ्री इन वन और टू सीटर हॉर्स राइडर झूले की सप्लाई के लिए जांजगीर बलौदा की फर्म ओम इंटरप्राइजेज, मित्तल इंटरप्राइजेज रायपुर, श्री राजसूर्य इंटरप्राइजेज रायपुर ने निविदा में रेट कोट किया. सामानों की सबसे कम दर (एल-1) ओम इंटरप्राइजेज की मिली.
नगर पंचायत लैलूंगा में हुए खरीदी घोटाला को ऐसे समझे
पूर्व सीएमओ ममता चौधरी के कथनानुसार अध्यक्ष या पार्षद निधि से खरीदी के लिए उन्होने कोई टेंडर जारी नहीं किया था. शासन के आदेश से ममता चौधरी का 21 अगस्त को खरसिया ट्रांसफर किया गया. पहले भी दो बार पदस्थ रहे सीपी श्रीवास्तव को तीसरी बार नगर पंचायत का प्रभारी सीएमओ बनाया गया. श्रीवास्तव ने 23 अगस्त को पदभार ग्रहण किया. नपं की नोटशीट के मुताबिक इसी दिन अध्यक्ष एवं निधि से खरीदी करने सीमित निविदा जारी कर दी.
सीमित निविदा बिना किसी परिषद या पीआईसी के जारी की गयी. इस बात की जानकारी कोई भी नहीं दे रहा है कि टेंडर किसी भी अखबार में जारी नहीं हुआ तो फिर बंद तीन फर्मों ने सामानों की कीमतों वाले लिफाफे कैसे और क्यों भेज दिए. 6 नवम्बर 2024 को निविदा समिति की बैठक हुई. लिफाफे खोले गए और कम दर में खरीदी भी तय कर लिया गया. प्रदाय आदेश भी उसी दिन 6 नवम्बर 2024 को ही जारी कर दिया गया और 9 नवम्बर 2024 को सामग्री के साथ बिल प्राप्त हो गया और सामान खरीदे गए. आमतौर पर सप्लाई के बाद भुगतान में समय लगता है. लेकिन खरीदी के दो दिन बाद ही 11.09.24 को भुगतान भी कर दिया गया.
18 दिनों में ही सीएमओ श्रीवास्तव दो लाख 20 हजार रुपए (बाजार भाव के मुताबिक) के सामान की खरीदी पर 14 लाख 69 हजार रुपए खर्च कर दिया.
ऐसे हुई सरकारी पैसों की लूट
खरीदी में अपने पसंद की फर्मों से साठगांठ कर असल कीमत से ज्यादा पर खरीद करते हुए अफसर जनप्रतिनिधियों ने सामान की कीमतों पर ध्यान ही नहीं दिया. सामानों की असल कीमत जानने के लिए लैलूंगा के ही एक व्यक्ति ने नगर पंचायत में खरीदी के बाद सामानों की फोटो भेजकर यूपी के मेरठ की एक मैनुफैक्चरिंग कम्पनी से सामानों के लिए कोटेशन मांगा. जिससे बाजार मूल्य ज्ञात हुआ. हार्स डबल स्प्रिंग राइडर झूला जिसका प्रचलित बाजार मूल्य प्रति नग 6500 से 7500 रु है. उसे 63 हजार 555 रुपए प्रति नग की दर से 4 नग खरीदी की गयी.
डबल स्विंग हार्स एंड डक राइड का बाजार मूल्य 18,500 रु. प्रति नग है. जिसे 84 हजार 740 रुपए की दर पर 3 नग खरीदा गया है. करीब 35000 के मूल्य की थ्री इन वन फिसल पट्टी को दो लाख 53 हजार 800 रुपए में खरीदी की गयी. लूप रिम का बाजार मूल्य प्रति नग 14 हजार 530 रु. है उसे 84 हजार 590 रुपए प्रति नग की दर से तीन नग खरीदा गया है. इसी तरह सी-सॉ झूला का प्रचलित बाजार मूल्य 6500 रु. प्रति नग है जिसे 73 हजार 290 रुपए की दर से 4 नग खरीदी की गयी.
बाजार में कीमत से करीब 10 गुना अधिक दर पर नगर पंचायत लैलूंगा में झूला खरीदा कर घोटाला किया गया.
नगर अध्यक्ष और उसके पार्षद मद से सबसे ज्यादा खरीदी
नगर पंचायत के भुगतान वाउचर के मुताबिक नगर पंचायत सीएमओ सीपी श्रीवास्तव ने वर्तमान अध्यक्ष और पार्षद के मद से 11लाख 74 हजार 891 रुपए का भुगतान किया. इससे सावर्जनिक उद्यान में बच्चों के झूले लगवाए. इसके साथ ही एक पार्षद निधि से दो लाख 93 हजार 980 रुपए खर्च किए. सवाल सौंदर्यीकरण या झूले लगाने का नहीं है. अगर खरीदी में धांधली न होती तो यह सारा सामान दो लाख 40 हजार रुपए में ही आ जाता. इसके लिए नगर पंचायत के सीएमओ ने करीब 14 लाख 69 हजार रुपए खर्च किया.
क्या कहते है पार्षद
तत्कालीन प्रभारी सीएमओ चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव के कार्यकाल को सामान्य परिषद सभा की कोई बैठक नही हुई. बेहद घटिया स्तर के झूले करीब 10 गुना ज्यादा दर पर खरीदी कर शासकीय राशि का बंदरबाट किया गया है. आनन फानन में लगाए गए घटिया झूलो में कई झूले टूट गए हैं और बच्चों के झूलने के दौरान किसी अनहोनी दुर्घटना की संभावना से भी इंकार नही किया जा सकता है.
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बाबूलाल बंजारे, पार्षद वार्ड क्रमांक 8
शासन द्वारा शासकीय खरीदी के लिए अनिवार्य जेम पोर्टल को बायपास कर झूला खरीदी की गयी. प्रभारी सीएमओ ने बिना किसी पेपर में निविदा प्रकाशन के गोपनीय खरीदी अपनी चहेती फर्म से की है. साथ ही बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दर पर झूला खरीदी की गयी. स्तरहीन झूले अभी से टूटने लगे हैं. बच्चों के घायल होने का अंदेशा है. खरीदी प्रक्रिया व झूला खरीदी घोटाले की जांच होनी चाहिए. क्रय आदेश, बिल, ई वे बिल व बिल भुगतान की भी सूक्ष्म जांच होनी चाहिए.
-आदित्य बाजपेयी, पार्षद वार्ड क्रमांक 13



