जमीन में सो रही युवती को जहरीले सांप के काटने से हॉस्पिटल लाने से पहले गई जान, छात्रवास में 7 साल के बच्चे की मौत से मचा हड़कंप

A girl sleeping on the ground died due to the bite of a poisonous snake before she could be brought to the hospital The death of a 7 year old child in the hostel created a stir

जमीन में सो रही युवती को जहरीले सांप के काटने से हॉस्पिटल लाने से पहले गई जान, छात्रवास में 7 साल के बच्चे की मौत से मचा हड़कंप

जमीन में सो रही युवती को जहरीले सांप के काटने से हॉस्पिटल लाने से पहले गई जान

गरियाबंद : देवभोग के लदरा गांव में बीती रात को एक युवती को साप के कटने से मौत हो गई. मृतक युवती नाम का दिव्या ध्रुव पिता नारायण ध्रुव 17 साल की मौत हो गई.
मिली जानकारी के मुताबिक युवती अपने घर के कमरे में जमीन पर सो रही थी. रात के दौरान करीब 4 बजे एक जहरीले सांप ने उसे काट लिया. परिजनों ने जब उसे होश में लाने की कोशिश की तो उन्हें सांप के काटने का पता चला.
फौरन उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
डॉक्टरों के मुताबिक सांप का जहर शरीर में फैल गया था और सही समय पर इलाज न मिलने की वजह से युवती की जान नहीं बचाई जा सकी. इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इस दुखद घटना ने पूरे गांव को शोक में डूबो दिया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि सांपों के प्रकोप से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.
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छात्रवास में 7 साल के बच्चे की मौत, तबियत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम, मचा हड़कंप

धमतरी : धमतरी जिला में आदिवासी बालक छात्रावास में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की मौत हो गयी. बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से बच्चे की तबियत खराब थी. बावजूद इसके पीड़ित छात्र को अस्पताल नही ले जाया गया. बच्चे की हालत खराब होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था. लेकिन रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। उधर इस घटना की जानकारी के बाद हड़कंप मचा हुआ है. जवाबदार अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक धमतरी जिले आदिवासी बालक आश्रम करैहा में 7 साल का ओमन नेताम कक्षा दूसरी का छात्र था. इसी साल उसने छात्रावास में प्रवेश लिया था. बताया जा रहा है कि छात्र ओमन नेताम का बीते 14 अगस्त बुधवार को तेज बुखार की शिकायत थी. बुखार आने के बाद हॉस्टल प्रबंधन द्वारा बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाए पैरासिटामॉल टेबलेट दे दिया गया. इसके बाद अगले दिन गुरुवार की सुबह 15 अगस्त को हाॅस्टल के सभी लोग स्वतंत्रता दिवस मनाने में व्यस्त हो गये. इस दौरान छात्र ओमन नेताम की तबियत ज्यादा खराब हो गयी.
जिसके बाद उसे अन्य बच्चों से अलग कर ग्राम करैहा के आर मुड़ा पारा से आश्रम लौट गया. बताया जा रहा है कि इस दौरान अधीक्षक रैली में मौजूद रहे. जबकि अन्य कुछ कर्मचारी छात्रावास में थे. जिसके बाद छात्रावास में पहुंचे। ओमन नेताम को चक्कर आने के साथ ही उसे उल्टी होने लगी. बच्चे की तबियत बिगड़ने के बाद आनन-फानन में उसे उपस्वास्थ्य केंद्र करैहा ले जाया गया. जहां से उसके नाजुक हालत को देखते हुए रेफर कर दिया गया. बच्चे को नरहरपुर अस्पताल ले जाया जा रहा था. तभी उसकी रास्ते में मौत हो गयी. अस्पताल लेकर पहुंचे बच्चे को डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत मृत घोषित कर दिया.
उधर मासूम बच्चे की मौत ने छात्रवास की व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि सही समय पर मासूम बच्चे को अस्पताल में इलाज कराया जाता तो शायद ये घटना न घटती।
छात्रावास अधीक्षक बी.के. नेताम ने बताया कि इस घटना से ठीक दो दिन पहले 12 अगस्त को डाक्टरों की टीम छात्रावास में स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंची थी. बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान छात्र ओमन का भी हेल्थ चेकअप किया गया था. तब वह एकदम स्वस्थ्य था. लेकिन इस बीच दो दिनों के भीतर ही अचानक छात्र की तबियत बिगड़ने से उसकी मौत ने छात्रावास प्रबंधन की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
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