कलेक्टर कार्यालय का घेराव, प्रशासक बैठने के बाद भी पार्षद की सुनवाई करने वाले अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ भी कार्यवाही हो -संदीप तिवारी
Collector's office was cordoned off, action should be taken against the officer and contractor who heard the councillor even after the administrator was present - Sandeep Tiwari
रायपुर : कांग्रेस नेता संदीप तिवारी के नेतृत्व में पं. सुन्दर लाल शर्मा वार्ड क्र.42 अन्तर्गत पार्षद द्वारा भेदभावपूर्ण सड़क निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया गया. तिवारी ने पार्षद मृत्युंजय दुबे के ऊपर मनमानी का आरोप लगाया और इस बारे में उप मुख्यमंत्री अरुण साव को भी पहले एक पत्र प्रेषित किया गया था.
संदीप तिवारी ने पत्र में पं. सुन्दर लाल शर्मा वार्ड के प्रगति चौक क्षेत्र, पुराना रायपुर कान्वेंट स्कूल के पास, नेशनल कान्वेंट स्कूल के पास, मदर्स प्राईड स्कूल के पीछे, फूटबॉल हाउस का क्षेत्र, ओम सोसायटी, कारगिल चौक का क्षेत्र, चन्द्रशेखर नगर, मैत्री नगर और अश्वनी नगर क्षेत्र के अंतर्गत भी सड़कों का काम कराये जाने पर कहा है कि वहां पर कई गलियों को छोड़ा जा रहा है.
संदीप तिवारी ने बताया कि पार्षद द्वारा कांग्रेस के नेताओं और जो उनके खिलाफ रहते हैं या जिनकी उनसे पटती नहीं है. उनके घर वाले सड़कों को जान-बूझकर बनने नहीं दिया जा रहा है.
संदीप तिवारी ने उप मुख्यमंत्री को पत्र के जरिए कहा कि प्रशासक बैठने के बाद भी कार्यकाल खत्म हो चुके पार्षद की सुनवाई करने वाले अधिकारी और ठेकेदारों के ऊपर भी कार्यवाही हो. संदीप तिवारी ने वर्तमान पार्षद मृत्युंजय दुबे की भी शिकायत उप मुख्यमंत्री अरुण साव से की थी कि ऐसे जनप्रतिनिधियों को दोबारा पार्टी सोच-समझकर टिकिट दें. क्योंकि उनके इस रवैये से पार्टी पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है. और साथ ही साथ जनता से भी आव्हान किया है कि ऐसे लोग दोबारा कहीं से भी चुनाव लड़ें इन्हें वोट न करने की अपील की है.
तिवारी ने कहा कि वर्तमान पार्षद चार बार से निर्वाचित हो चुके हैं. लेकिन ऐसी छोटी और ओछी मानसिकता शायद ही रायपुर शहर का कोई पार्षद या फिर कोई भी जनप्रतिनिधि करता होगा. चाहे वह किसी भी दल से हो. तिवारी ने कहा कि पार्षद के इस रवैये से सांसद और विधायक की भी मौन सहमति है.
संदीप तिवारी ने आज कलेक्टर महोदय से मृत्युंजय दुबे के साथ-साथ संबंधित जोन अधिकारी एवं ठेकेदारों की भी शिकायत की. उन्होंने बताया कि मैत्री नगर में बहुत से सड़क को मशीन न जाने का बहाना हाथ से बनवाने के बजाए किया गया. जिन सड़को में मशीन जा सकती थी. उनको भी छोड़ दिया गया है. जैसे महिमा विहार कांग्रेस नेत्री किरण मयी नायक का मायके, मैत्री नगर हरिओम किराना वाली सड़क को, ओरियन्टल बैंक गली को, पुराने गुलमोहर होटल के बाजू सड़क को जहा मशीन जा सकती थी. डामरीकरण जानबूझकर नही करवाया गया. चन्द्रशेखर नगर में पटवा वाली गली, सुनील मिश्रा जी की गली, अमित शर्मा वाली गली, पूर्व पार्षद दीपक कृपलानी वाली गली, अरविन्द दिवान वाली गली, हरीश सिन्हा वाली गली, कांग्रेस नेता पुरुषोत्तम शर्मा वाली में गली में भी बहाना कर कि गाड़ियाँ नही जा सकती. लेकिन उन गलियों में भी ठेकेदार द्वारा डामरीकरण छोटे बुलडोजर और मैनुअल डामर बिछाकर धमस से दबाकर सड़क बनाया जा सकता था. बहुत से वार्डो में बनाया गया है. जिसे जानबूझकर नही बनाया गया.
सुदंर नगर वार्ड के लिए सवा चार करोड़ डामरीकरण के लिए अलग से अनुबंधन हुआ है. जिसमें काम जारी है. उसमे भी पूजा फैंसी स्टोर जैसे कुछ चिन्हांकित सड़को को जानबूझकर छोड़-छोड़ कर डामरीकरण किया जा रहा है. जिन क्षेत्रों से पार्षद का रोजाना आना-जाना है और अपने खुद के घर के आस-पास के क्षेत्र को जरुरत न होने के बाद भी डामरीकरण किया गया.
तिवारी ने कहा कि पार्षद द्वारा ठेकेदार और विभागीय अभियंताओं पर दबाव बना कर मेरे बिना अनुमति के कही डामरीकरण नही करना है. ऐसा जनता के बीच डांटकर धमकाते हैं. पार्षद भेद भाव के लिए मशहूर हैं. जो उनकी कार्य शैली में आज भी जाहिर होती है. वार्ड में सभी स्थानों में डामरीकरण के स्थान पर कुछ जगह को प्रयोजित तरीके से छोड़कर बनाने का खेल आखिर क्यों खेला जा रहा है?
जहां सड़क बनाने के अन्य उपाय समाधान मौजूद हैं. जहा सड़क डामरीकरण के लिए कोई तकनीकी समस्या भी नही है. राजनीतिक दुश्मनी निभाते हुए ऐसा पार्षद द्वारा किया जा रहा है. कुछ स्थानों में प्रयोगिक समस्या के चलते सड़क नही बन रहा है. उसे समझा जा सकता है लेकिन ऐसा क्या इत्तेफाक है इनके निर्दलीय होने पर जिन स्थानों में इनके खिलाफ प्रचार कार्य करने वाले कार्यकर्ता रहते हैं. उन मार्गों को जान बूझकर वंचित रखा गया है.
संदीप तिवारी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में ऐसे व्यक्तियों का होना समाज के लिए उचित नहीं है. क्योंकि चुनाव लड़ना लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और चुनाव जीतने के बादवह व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य को आगे बढ़ाता है. जो कि किसी भी जनप्रतिनिधि की पहचान होती है. लेकिन मृत्युंजय दुबे जैसे लोग अपनी छोटी मानसिकता के चलते विकास कार्य में भेदभाव कर राजनीति को एक दुश्मनी की भाषा में परिवर्तित करते हैं.
आज के इस घेराव में संदीप तिवारी के साथ एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा, शशीकांत बरोरे, अंकित मिश्रा, हेमंत पाल, कल्याण साहू, डोमेश शर्मा, रोहित साहू, शाहरूख अशरफी, दिव्यांश श्रीवास्तव, संदीप विश्वकर्मा, रिजवान खान, विनय तिवारी, अर्जुन सिंह, अजय सिंह, कृष सहारे, रोहित कुमार, पुल्लु मटियारा, रजत ठाकुर, यशपाल देवांगन, अमन औसर सहित काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए.
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