ट्रांसफर के बाद सरकारी क्वार्टर में आरक्षक ने फांसी लगाकर दे दी जान, इधर फंदे पर लटका मिला लड़के का शव, पिता- बर्तन बेचकर किया बेटे की परवरिश
After transfer, a constable hanged himself in the government quarter and committed suicide. Meanwhile, a boy's body was found hanging from a noose. Father raised his son by selling utensils.
घर की छत पर लटका मिला युवक का शव
नवापारा : नवापारा में युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. खुदकुशी करने का कारण अज्ञात है. घटना की खबर मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. घटना रायपुर जिले के गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र की है.
मिली जानकारी के मुताबिक नवापारा के वार्ड क्रमांक 10 गोड़पारा निवासी ललित साहू पिता महेंद्र साहू ने सुबह अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. घटना के समय युवक और उसकी बहन घर पर मौजूद थे. परिवार के बाकी सदस्य अपने काम से बाहर गए हुए थे. युवक सुबह आस-पड़ोस में घूम रहा था. फिर करीब 10 बजे उसने घर की छत पर बने कमरे में जाकर रस्सी के सहारे फांसी लगा ली. थोड़ी देर बाद बहन छत पर गई,. तब भाई को फंदे पर लटका देख उसके होश उड़ गए. उसने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी.
जिसके बाद घर के लोग पहुंचे. परिजनों ने पुलिस को खबर दी. खबर मिलते ही नवापारा पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. खुदकुशी का कारण अज्ञात है. मृतक के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया. परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं. ताकि खुदकुशी का कारण स्पष्ट हो सके/ फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है.
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ट्रांसफर के बाद सरकारी क्वार्टर में आरक्षक ने फांसी लगाकर दे दी जान
जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से बड़ी खबर सामने आई है। जगदलपुर में थाने के पीछे बने सरकारी क्वार्टर में आरक्षक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. आरक्षक लंबे समय से ट्रैफिक में था. कुछ दिनों पहले ही उसे थाने भेजा गया था. खुदकुशी की वजह का फ़िलहाल खुलासा नहीं हुआ है. यह मामला परपा थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक 42 वसाल का संदीप बाकला कुछ साल से यातायात विभाग में पदस्थ था. हाल ही में पुलिस विभाग में हुए तबादले में उसे यातायात से लोहंडीगुड़ा थाना भेजा गया था. आरक्षक परपा थाना के पीछे स्थित सरकारी क्वार्टर में परिवार के सहित रहता था. सुबह घर में परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे. आरक्षक भी उनसे बातचीत करते बैठा था. अचानक उसने कोई काम होने की बात कही और अपने कमरे में चला गया. कमरे में जाकर उसने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.
काफी समय तक जब अंदर से दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने खटखटाया. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला और न ही कोई आहट हुई. जिस पर पड़ोसियों को बुलाकर उनकी मदद से दरवाजा तोड़ा गया. अंदर जाकर देखने पर संदीप फांसी के फंदे से लटका था. तत्काल रस्सी काटकर आरक्षक को फंदे से उतर गया और मेकाज हॉस्पिटल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
घटना की खबर मिलते ही पुलिस के उच्च अधिकारी अस्पताल पहुंचे. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. जिसके चलते खुदकुशी की वजह का खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस परिजनों से पूछताछ कर आरक्षक के खुदकुशी करने की वजह तलाश रही है. शव का पंचनामा कर पीएम के लिए भिजवाया गया है.
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फंदे पर लटका मिला लड़के का शव, पिता- बर्तन बेचकर किया बेटे की परवरिश
बलरामपुर : रामानुजगंज जिले के ग्राम नावाडीह में अंकेश गुप्ता उम्र 19 साल ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. क्षेत्र में पिछले कुछ समय में फांसी से खुदकुशी की चौथी घटना है. अंकेश के परिवार वाले सदमे में हैं और उनके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है.
मिली जानकारी के मुताबिक अंकेश गुप्ता रामानुजगंज कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था. अपने पिता मुरली गुप्ता के साथ घर पर था. उसकी मां इलाज के लिए डाल्टनगंज गई थी. मुरली गुप्ता ने बताया कि सुबह वह खेत पर जाने से पहले अंकेश से बात कर गए थे और उसे खाना बनाने को कहा था। एक घंटे बाद लौटने पर उन्होंने अंकेश को घर में नहीं पाया. उसके जूता-चप्पल और मोबाइल घर में ही था. व्याकुल होकर खोजने पर पिता को अंकेश छत पर फांसी के फंदे से लटका मिला. इस दृश्य ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया.
मुरली गुप्ता अपने इकलौते बेटे अंकेश की पढ़ाई और परवरिश के लिए दिन-रात मेहनत करते थे. वे लूना पर बर्तन बेचने जाते थे. ताकि बेटे को अच्छे कपड़े, जूते और जरुरत की सभी चीजें मिल सकें. घर को लेंटर डालकर बनवाया गया. ताकि अंकेश को बेहतर सुविधाएं मिलें. जब अंकेश बीमार पड़ता था. पिता उसे दूर-दूर तक इलाज के लिए ले गए और ठीक होने तक हर संभव कोशिश की. मां द्वारा डाँटने पर पिता उसे स्वतंत्रता देते थे और कहते थे कि वह अपने मन से पढ़ाई करे. लेकिन इस घटना ने परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया.
पिछले कुछ समय में बलरामपुर क्षेत्र में फांसी लगाकर खुदकुशी की यह चौथी घटना है. समाज में बढ़ती निराशा और तनाव के कारणों पर सवाल उठ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देने की जरुरत है. ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
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